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Button Mushroom: तुड़ान के बाद अब काली नहीं पड़ेगी बटन मशरूम, खुंब अनुसंधान निदेशालय ने विकसित की नई किस्म

Mon, 25 Sep 2023 11:09 AM IST
Krishan Singh ललित कश्यप, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
ललित कश्यप, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Published by: Krishan Singh Updated Mon, 25 Sep 2023 11:09 AM IST
सार

बटन मशरूम सबसे ज्यादा लोकप्रिय है, जो भारत के कुल मशरूम उत्पादन में करीब 70 प्रतिशत योगदान देता है। अधिकांश बटन मशरूम की किस्मों में भूरापन और छिलके का जल्दी खुलना जैसी समस्याएं रहती हैं। 

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Button mushroom will no longer turn black after harvesting, Mushroom Research Directorate has developed a new
डॉ. वीपी शर्मा, निदेशक खुंब अनुसंधान एवं निदेशालय, सोलन - फोटो : संवाद

विस्तार

देशभर में सबसे अधिक उगाई जाने वाली बटन मशरूम अब लोगों को अच्छी गुणवत्ता और दुधिया रंग के साथ मिलेगी। तुड़ान के बाद बटन मशरूम काली नहीं पड़ेगी। इसकी शेल्फ लाइफ अधिक होगी। खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन के वैज्ञानिकों ने बटन मशरूम की एक नई किस्म एनबीएस-5 तैयार की है, जिसकी प्रदर्शनी हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय खुंब मेले और जी-20 सम्मेलन में भी लगाई गई थी। जानकारी के अनुसार देश में बटन मशरूम सबसे ज्यादा लोकप्रिय है, जो भारत के कुल मशरूम उत्पादन में करीब 70 प्रतिशत योगदान देता है। अधिकांश बटन मशरूम की किस्मों में भूरापन और छिलके का जल्दी खुलना जैसी समस्याएं रहती हैं। इन किस्मों को तोड़ने के बाद तुरंत बेचना पड़ता है, क्योंकि तुड़ान के बाद यह काली पड़ जाती हैं। नई एनबीएस-5 किस्म दो से तीन दिन तक खराब नहीं होगी।
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यह मशरूम उसी खर्च में तैयार होती है, जितना दूसरी मशरूम को उगाने में आता है। खाद डालते समय इस मशरूम को हाथ भी लग जाए तो दूसरी किस्मों की तरह यह खराब नहीं होगी। एनबीएस-5 किस्म सफेद रंग के कारण ग्राहकों को आकर्षित करेगी। इसलिए यह किस्म देशभर के उत्पादकों के लिए सौगात है। खुंब निदेशालय ने इस मशरूम का विभिन्न जलवायु परिस्थितियों में तीन वर्षों तक परीक्षण किया है। अधिकांश बटन मशरूम की खेती पर्यावरणीय कारकों और मशरूम की उपज गुणवत्ता से प्रभावित होती है, लेकिन इस किस्म का देशभर में विभिन्न स्थानों पर परीक्षण किया गया है, जिसके अच्छे परिणाम मिले हैं। अच्छी गुणवत्ता और रंग के कारण बाजार में इसकी मांग बढ़ेगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। संवाद
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इस किस्म की मुख्य विशेषताएं ये हैं कि यह मशरूम बिल्कुल सफेद रंग की होती है। मशरूम में लगने वाला अमूमन भुरड़ रोग इस किस्म को नहीं लगता। इसमें दूसरी किस्मों की तुलना में ज्यादा शुष्क तत्व पाया जाता है। इसके छिलके बहुत पतले और देरी से खुलते हैं। इससे इसकी गुणवत्ता खराब नहीं होती है। - डॉ. वीपी शर्मा, निदेशक खुंब अनुसंधान एवं निदेशालय, सोलन

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