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हिमाचल में ओवरऑल घटा सेब उत्पादन लेकिन इस जिले में हुई बंपर फसल

Mon, 17 Dec 2018 01:07 PM IST
अरविन्द ठाकुर बीरबल नेगी, अमर उजाला, सांगला (किन्नौर)
बीरबल नेगी, अमर उजाला, सांगला (किन्नौर) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 17 Dec 2018 01:07 PM IST
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Bumper apple production in kinnaur himachal pradesh

हिमाचल में ओवरऑल सेब सीजन भले ही कमजोर रहा हो, लेकिन किन्नौर में इस साल सेब की बंपर फसल हुई है। दुनिया भर में मशहूर किन्नौरी सेब की इस बार 30 लाख से ज्यादा पेटियां बाजार में पहुंची हैं। पिछले साल के मुकाबले इस बार पांच लाख पेटी ज्यादा पैदावार हुई है। ढाई दशक में किन्नौरी सेब का यह दूसरा सबसे अच्छा सीजन रहा।

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इससे पहले 2016 में सर्वाधिक 37.49 लाख पेटी सेब का रिकॉर्ड है। दूसरी ओर शिमला, कुल्लू, चंबा समेत प्रदेश के अन्य सेब उत्पादक क्षेत्रों में इस बार करीब 50 लाख पेटी कम उत्पादन हुआ है। रंग, स्वाद और पौष्टिकता के चलते किन्नौरी सेब ने देश-विदेश की बड़ी-बड़ी मंडियों में पहचान बनाई है।
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जनजातीय जिला किन्नौर में जलवायु परिवर्तन के कारण सेब की पैदावार में उतार-चढ़ाव आता रहा है। जिले के निचले क्षेत्रों में पैदावार गिर रही है, लेकिन ऊंचाई वाले इलाकों में पैदावार में इजाफा हो रहा है। किन्नौर में बागवानी विभाग के उप निदेशक डॉ. हेमचंद शर्मा ने बताया कि बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष सेब के उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है।

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किन्नौरी सेब की यह है खासियत

Bumper apple production in kinnaur himachal pradesh

औसत आठ हजार फीट की ऊंचाई पर होने वाला किन्नौरी सेब लंबे समय तक खराब नहीं होता है। यानी इसे लंबे समय तक इसे स्टोर किया जा सकता है। दूसरे सेब की अपेक्षा यह ज्यादा रसीला और मीठा होता है। लाल रंग के इस सेब का आकार भी बड़ा होता है। इसमें पौष्टिक तत्व ज्यादा होते हैं। 

दो दशक से किन्नौरी सेब उत्पादन का रिकॉर्ड
वर्ष              पेटियों की पैदावार  
1998        11 लाख 87 हजार 209
1999        10 लाख 96 हजार 662
2000        8 लाख 96 हजार 539
2001        9 लाख 14 हजार 955
2002        12 लाख 40 हजार 944
2003        16 लाख 29 हजार 244 
2004        16 लाख 64 हजार 164
2005        18 लाख 13 हजार 731
2006        18 लाख 32 हजार 576
2007        19 लाख 43 हजार 376
2008        24 लाख 82 हजार 550 
2009        18 लाख 21 हजार 639 
2010        28 लाख 70 हजार 141 
2011        23 लाख 94 हजार 799 
2012        23 लाख 38 हजार 927 
2013        24 लाख 36 हजार 976 
2014        24 लाख 36 हजार 976 
2015        26 लाख 63 हजार 833 
2016        37 लाख 49 हजार 391
2017        25 लाख 99 हजार 190 
2018        30 लाख 18 हजार 197 

हिमाचल में 11 साल बाद सेब की सबसे कम फसल
हिमाचल में 11 साल बाद सेब की सबसे कम फसल हुई है। शिमला, कुल्लू, मंडी, सिरमौर, सोलन आदि जिलों के सेब उत्पादकों का कहना है कि मौसम की अनिश्चितता इसका कारण है। इससे बागवानों की वित्तीय स्थिति भी बिगड़ी। आंकड़ों के अनुसार इस बार 1.80 करोड़ सेब पेटी ही निकली, जबकि अमूमन करीब 2.50 करोड़ पेटी की पैदावार होती है।

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