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सोलन: 30 घंटे बाद भी नहीं लगा मलबे में दबे कामगार का सुराग

Wed, 24 Nov 2021 09:00 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, परवाणू (सोलन)
संवाद न्यूज एजेंसी, परवाणू (सोलन) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 24 Nov 2021 09:00 PM IST
सार

एनडीआरएफ की टीम ने भवन के अंतिम हिस्से पर व्यक्ति का पता लगाने के लिए सुरंग बनाई। इस सुरंग से धरातल पर पहुंचने का प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। इसके बाद इसके विपरीत एक और सुरंग बनाई जा रही है जिससे सफलता मिलने की उम्मीद है। 

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building collapse in parwanoo solan  man trapped under the debris have not been traced
रेस्क्यू में जुटे एनडीआरएफ के जवान। - फोटो : संवाद

विस्तार

सोलन के परवाणू के सेक्टर-2 में चार मंजिला भवन के ढहने से मलबे में दबे मजदूर का हादसे के 30 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं लगा है। एनडीआरएफ समेत जिला प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने दूसरे दिन भी तलाश जारी रखी लेकिन अभी तक कामयाबी नहीं मिली है। देर रात स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने मौके पर पहुंच स्थिति का जायजा लिया। 

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जानकारी के अनुसार उपमंडलाधिकारी कसौली की देखरेख में रात भर बचाव कार्य के बाद बुधवार भी व्यक्ति की तलाश जारी रही। एनडीआरएफ की टीम ने भवन के अंतिम हिस्से पर व्यक्ति का पता लगाने के लिए सुरंग बनाई। इस सुरंग से धरातल पर पहुंचने का प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। इसके बाद इसके विपरीत एक और सुरंग बनाई जा रही है जिससे सफलता मिलने की उम्मीद है। 
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मंगलवार करीब डेढ़ बजे परवाणू के सेक्टर चार स्थित पुराने उद्योग का चार मंजिला भवन गिर गया। भवन के भीतर पांच मजदूर कार्य कर रहे थे कि बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इसके बाद जिला प्रशासन, पुलिस और दमकल टीमों ने राहत बचाव कार्य शुरू किया। इस हादसे में तीन मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया जबकि देर रात एक मजदूर सुरमान को निकाला गया। अभी नरेश का कुछ पता नहीं चल पा रहा है। 
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बुधवार तड़के ही मौके पर पहुंच गईं उपायुक्त 
रात भर बचाव कार्य चला होने के बाद उपायुक्त कृतिका कुलहरी बुधवार सुबह ही जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंच गई। इस दौरान रात भर किए कार्य का पता लगाया और मलबे में फंसे कामगार को निकालने के लिए युद्धस्तर पर कार्य के निर्देश दिए। घटनास्थल पर नगर परिषद अध्यक्ष निशा शर्मा, उपाध्यक्ष सोनिया शर्मा, पूर्व अध्यक्ष ठाकुर दास शर्मा, पार्षद लखविंदर सिंह भी स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर मौजूद रहे। 


डीएसपी योगेश रोल्टा ने बताया कि जेसीबी से मलबा हटाने से उसके भीतर गिरने की संभावना है। बचाव दल लेंटर काट कर नीचे जाने का प्रयास कर रहा है। बचाव दल अंदर फंसे कैंटर तक तो पहुंच गया लेकिन व्यक्ति नहीं मिला। एसडीएम डॉ. संजीव कुमार धीमान ने बताया कि एनडीआरएफ के 42 जवानों की टीम बचाव कार्य में लगी हैं लेकिन नरेश का कोई सुराग नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि मृतक के परिवार को फौरी राहत के तौर पर 20 हजार रुपये की राशि दी गई हैं जबकि घायलों को 2500 रुपये की राशि फौरी राहत के तौर पर दी गई है।

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