फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   bsnl will protest against defaulters.

डिफॉल्टरों के खिलाफ BSNL ने निकाला गांधीगिरी का अनोखा तरीका

Thu, 07 May 2015 10:49 PM IST
Updated Thu, 07 May 2015 10:49 PM IST
विज्ञापन
bsnl will protest against defaulters.

आपने अगर लंबे समय से बीएसएनएल का बिल जमा नहीं किया है तो सावधान हो जाइए। कभी भी बीएसएनएल के कर्मचारी आपके घर के बाहर धरना प्रदर्शन करने पहुंच सकते हैं। डिफाल्टरों से बिल की उगाही के लिए बीएसएनएल अब गांधी गिरि का रास्ता अपनाएगा। उपभोक्ताओं पर बीएसएनएल का करीब पांच करोड़ रुपये बकाया है।

विज्ञापन


बिल जमा न करवाने वालों में तीन हजार डिफाल्टरों पर बिल के रूप में दो हजार से अधिक बकाया है। 325 डिफाल्टरों पर दस हजार से अधिक की राशि बकाया है। बिल जमा न करवाने वालों में होटिलियर, कारोबारी, नौकरी पेशा लोग और किसान बागवान शामिल है। डिफाल्टरों को बीएसएनएल की ओर से लीगल नोटिस भी जारी किए हैं।

विज्ञापन

3000 लोगों ने जमा नहीं किए बिल

bsnl will protest against defaulters.

बीएसएनएल के महाप्रबंधक एमसी सिंह ने बताया कि बीएसएनएल का मकसद लोगों को बेहतर सेवा उपलब्ध करवाना है लेकिन तीन हजार से अधिक उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने लंबे समय से बिल जमा नहीं करवाए हैं। बिल की उगाही के लिए अब गांधीगिरि का रास्ता अपनाया जाएगा। डिफाल्टरों के घरों के बाहर बीएसएनएल के प्रतिनिधि शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करेंगे।

बिल चुकाने पर मिलेगी छूट- बीएसएनएल ने डिफाल्टरों से उगाही के लिए विशेष डिस्काउंट स्कीम लांच की है। बकाया बिल के भुगतान पर बिल की अवधि के अनुसार 10 से 50 फीसदी छूट देने की घोषणा की है। एक से दो वर्ष तक की अवधि वाले बकाया भुगतान मामलों में 10 फीसदी, 2 से 3 वर्ष तक 15 फीसदी, 3 से 10 वर्ष तक के मामलों पर 25 फीसदी और 10 वर्ष से अधिक पुराने मामलों पर 50 फीसदी तक छूट देने का फैसला लिया है।

बिल वसूली की यह रहती है प्रक्रिया

bsnl will protest against defaulters.

हर महीने की 7 तारीख को बिल जारी होते हैं। उपभोक्ताओं को 20 दिन में बिल जमा करने होते हैं। तय तिथि में बिल जमा न होने पर 20 दिन और दिए जाते हैं। 15 दिन बाद आउटगोइंग और 30 दिन बाद नंबर बंद कर दिया जाता है।

90 दिन बाद उपभोक्ता डिफाल्टर घोषित कर डिफाल्टर नोटिस जारी होता है। नोटिस में बिल जमा करने को 15 दिन दिए जाते हैं। उपभोक्ता को किस्तों में बिल जमा करने का विकल्प भी दिया है। इसके बाद लीगल नोटिस जारी कर कोर्ट केस कर दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed