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Shimla News: गर्भाश्य ग्रीवा के बाद अब महिलाओं में बढ़ रहा स्तन कैंसर
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कहा, दुनियाभर में 28 में से एक महिला की होती है स्तन कैंसर से मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गर्भाश्य ग्रीवा के बाद अब महिलाओं में स्तन कैंसर की बीमारी बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि जीवन जीने के ढंग में आए बदलाव की वजह से यह बीमारी बढ़ी है। शहर के साथ-साथ गांव की महिलाओं को भी स्तन कैंसर की बीमारी हो रही है। आईजीएमसी के अटल सभागार में रविवार को रेडियोथैरेपी विभाग की ओर से ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग जागरूक कैंप लगाया गया। डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि पिछले तीन साल में इस बीमारी के मरीजों की संख्या अस्पताल में बढ़ी है।
महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के लगातार बढ़ते मामलों के चलते अब स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। आईजीएमसी के रेडियोथैरिपी विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि 50 साल से अधिक आयु के लोगों को कभी भी इस बीमारी के होने का खतरा बना रहता है। समय पर बीमारी का पता न लगे तो इससे मौत तक हो सकती है। आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में 28 महिलाओं में से एक की मौत इस बीमारी से हो जाती है। उन्होंने बताया कि अब बच्चों का कम पैदा करना, ब्रेस्ट फीडिंग न करवाना, रात भर जागे रहना, स्मोकिंग और अल्कोहल भी इस बीमारी का कारण है। इस अवसर पर डॉ. ललित चंद्रकांत, डॉ. दीपक तुल्ली, वार्ड सिस्टर समेत 158 कर्मचारी मौजूद रहे।
इनसेट
ग्लोबोकैन के 2020 के डाटा में चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इसमें बताया गया है कि भारत में हर चार मिनट में एक महिला में स्तन कैंसर का पता चलता है। मुंबई, दिल्ली, बंगलूरू, भोपाल, कोलकाता, चेन्नई और अहमदाबाद जैसे प्रमुख शहरों में महिलाओं में स्तन कैंसर का हिस्सा 25 से 32 फीसदी है। वहीं 2022 में स्तन कैंसर के 117 नए मामले दर्ज किए गए और पिछले पांच वर्षों में 700 नए रोगियों का इलाज किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गर्भाश्य ग्रीवा के बाद अब महिलाओं में स्तन कैंसर की बीमारी बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि जीवन जीने के ढंग में आए बदलाव की वजह से यह बीमारी बढ़ी है। शहर के साथ-साथ गांव की महिलाओं को भी स्तन कैंसर की बीमारी हो रही है। आईजीएमसी के अटल सभागार में रविवार को रेडियोथैरेपी विभाग की ओर से ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग जागरूक कैंप लगाया गया। डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि पिछले तीन साल में इस बीमारी के मरीजों की संख्या अस्पताल में बढ़ी है।
महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के लगातार बढ़ते मामलों के चलते अब स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। आईजीएमसी के रेडियोथैरिपी विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि 50 साल से अधिक आयु के लोगों को कभी भी इस बीमारी के होने का खतरा बना रहता है। समय पर बीमारी का पता न लगे तो इससे मौत तक हो सकती है। आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में 28 महिलाओं में से एक की मौत इस बीमारी से हो जाती है। उन्होंने बताया कि अब बच्चों का कम पैदा करना, ब्रेस्ट फीडिंग न करवाना, रात भर जागे रहना, स्मोकिंग और अल्कोहल भी इस बीमारी का कारण है। इस अवसर पर डॉ. ललित चंद्रकांत, डॉ. दीपक तुल्ली, वार्ड सिस्टर समेत 158 कर्मचारी मौजूद रहे।
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ग्लोबोकैन के 2020 के डाटा में चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इसमें बताया गया है कि भारत में हर चार मिनट में एक महिला में स्तन कैंसर का पता चलता है। मुंबई, दिल्ली, बंगलूरू, भोपाल, कोलकाता, चेन्नई और अहमदाबाद जैसे प्रमुख शहरों में महिलाओं में स्तन कैंसर का हिस्सा 25 से 32 फीसदी है। वहीं 2022 में स्तन कैंसर के 117 नए मामले दर्ज किए गए और पिछले पांच वर्षों में 700 नए रोगियों का इलाज किया गया।
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