अब नहीं जाना पड़ेगा पीजीआई, एम्स, टांडा में होगा इस बीमारी का इलाज
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डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में अब दिमाग के कैंसर का भी इलाज हो सकेगा। कैंसर मरीजों को 18 जुलाई से टीएमसी सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में सस्ती और घर- द्वार यह सुविधा मिलेगी। दिमाग के ऑपरेशन भी यहां हो सकेंगे। इसके लिए सूबे के लोगों को अब पीजीआई चंडीगढ़ या फिर एम्स के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
ट्रायल बेस पर टीएमसी में एक मरीज के दिमाग के कैंसर का सफल ऑपरेशन हाल ही में हुआ है। इस सफलता के बाद अब आगामी सोमवार से टीएमसी में दिमाग के कैंसर रोग के सफल ऑपरेशन हो सकेंगे। टीएमसी के न्यूरो सर्जन डा. अमित जोशी के अनुसार दिमाग में कैंसर होने के कई लक्षण हैं। इस बीमारी से प्रदेश में सैकड़ों लोग पीड़ित हैं। लोग विभिन्न तरह के कैंसर के शिकार होते हैं।
100 से 150 मरीज पहुंच रहे रोजाना ओपीडी में
शरीर के विभिन्न हिस्सों का कैंसर धीरे-धीरे दिमाग तक पहुंच जाता है। कैंसर एक तरह की रसौली है। इसका आकार दिमाग में बढ़ जाता है। इससे दिमाग पर प्रेशर पड़ता है।
प्रेशर पड़ने से मरीज अंधरंग, दौरों का शिकार होने के साथ-साथ दिमागी तौर पर कमजोर हो जाता है। इससे स्मरण शक्ति खत्म हो जाती है। ट्रायल पर किए दिमाग के ऑपरेशन सफल रहे हैं। ऑपरेशन के बाद मरीज स्वस्थ हो जाता है।
100 से 150 मरीज पहुंच रहे रोजाना ओपीडी में
टांडा अस्पताल की न्यूरो ओपीडी में दिमाग के रोगों से पीड़ित 100 से 150 मरीज रोजाना चेकअप करवाने के लिए आते हैं। कई मरीजों को काउंसलिंग के बाद ऑपरेशन करवाने की सलाह दी जा रही है।
अब टीएमसी में दिमाग के कैंसर के ऑपरेशन भी होंगे। अब हिमाचल के मरीजों को इलाज के लिए बाहरी राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। सुपर स्पेशिलिटी ब्लॉक में दिमाग की अन्य जटिल बीमारियों के भी ऑपरेशन हो सकेंगे। - डा. अनिल चौहान, प्राचार्य टांडा मेडिकल कॉलेज