12 साल बाद इस बार यहां होगा बौद्ध धर्म का महाकुंभ
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बौद्ध धर्म में 12 साल बाद मनाया जाने वाला महाकुंभ इस बार त्रिवेणी धर्मस्थली रिवालसर में 13 और 14 जुलाई को हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। इसमें बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा विशेष रूप से शिरकत करेंगे और प्रवचन देंगे। दलाईलामा के आगमन को लेकर गुरु पद्म संभव निग्मापा गोंपा कमेटी ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
महाकुंभ में प्रदेश के लाहौल-स्पीति, किन्नौर, धर्मशाला, लेह-लद्दाख, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश सहित अन्य क्षेत्रों से हजारों बौद्ध श्रद्धालु जुटेंगे। अतिथियों और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था कर ली गई है। कमेटी के प्रधान ध्यान सिंह नेगी, प्रबंधक गुरुदास नेगी, उपप्रधान ज्ञान चंद, सचिव शमशेर सिंह नेगी और कोषाध्यक्ष बालकराम नेगी ने बताया कि बौद्ध धर्म पर महाकुंभ हर 12 साल बाद मनाया जाता है।
दलाईलामा 13 और 14 को देंगे प्रवचन
इस बार राशि के मुताबिक महाकुंभ रिवालसर में होगा। दलाईलामा 13 और 14 जुलाई को झील परिसर में सृष्टि ध्यान, योग तपस्या, कर्म महासिद्दी, ह्दयसूत्र का अनमोल रतन पर प्रवचन देंगे। प्रवचन का हिंदी, अंग्रेजी और तिब्बतियन भाषा में अनुवाद होगा। महाकुंभ में हिमाचल के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से बौद्ध श्रद्धालु पहुंचेंगे। गुरु कमेटी ने महाकुंभ की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
धर्मगुरु के साथ कई वीआईपी भी आएंगे। महाकुंभ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। कमेटी प्रधान ध्यान सिंह नेगी ने कहा कि पहले दलाईलामा का 13 से 15 जुलाई तक तीन दिन का कार्यक्रम था। अब 13 और 14 जुलाई को दो दिन ही कार्यक्रम होंगे।