Students Clash Shimla: कोटशेरा और संजौली कॉलेज में दो छात्र गुटों के बीच खूनी संघर्ष, 11 घायल
शिमला के दो कॉलेजों में दो छात्र गुटों के बीच खूनी संघर्ष हुआ है। इसमें 11 छात्रों के घायल होने की सूचना है। कॉलेज कैंपस में हुई इस झड़प से आम विद्यार्थियों में दहशत का माहौल है।
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के दो कॉलेजों में दो छात्र गुटों के बीच खूनी संघर्ष हुआ है। इसमें 11 छात्रों के घायल होने की सूचना है। कॉलेज कैंपस में हुई इस झड़प से आम विद्यार्थियों में दहशत का माहौल है। पुलिस आगामी कार्रवाई कर रही है। राजीव गांधी महाविद्यालय कोटशेरा में मंगलवार को एक बार फिर एसएफआई और एबीवीपी कार्यकर्ताओं में खूनी झड़प हो गई। इससे पहले शनिवार को भी दोनों संगठनों के कार्यकर्ता आपस में उलझे थे। कोटशेरा कॉलेज की कैंटीन में मंगलवार को हुई मारपीट में एबीवीपी के नौ कार्यकर्ता घायल हुए हैं। इनमें पांच को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में टांके लगे हैं।
सुबह करीब पौने दस बजे कॉलेज कैंटीन में हुई इस मारपीट में रॉड और अन्य हथियारों का इस्तेमाल हुआ है। पांच मिनट तक कैंटीन में दहशत का माहौल बना रहा। कैंटीन में बैठे अन्य छात्र किसी तरह यहां से निकलकर अपनी जान बचा पाए। अफरातफरी के माहौल के बीच कैंटीन संचालक की पत्नी और बच्चा भी बीच में आ गए लेकिन दोनों चोट नहीं आई है। सूचना मिलने पर कॉलेज शिक्षकों ने कैंटीन में पहुंचकर मामले को शांत करवाया। घायल हुए छात्रों को 108 एंबुलेंस में प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। सूचना के बाद दस मिनट के भीतर पुलिस अधिकारी और थाना बालूगंज से पुलिस जवान मौके पर पहुंच गए थे। मामला शांत होने के बाद कॉलेज में फिर नियमित रूप से कक्षाएं चलीं।
हिंसा में शामिल 0 विद्यार्थियों को किया कॉलेज से निलंबित
कोटशेरा कॉलेज की प्राचार्य डॉ. अनुपम गर्ग ने बताया कि कैंटीन में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर मारपीट में शामिल नौ छात्रों की पहचान करके उन्हें निलंबित कर दिया है। यह सभी एसएफआई के कार्यकर्ता हैं। एक एबीवीपी कार्यकर्ता के पास डंडे मिले हैं उसे भी कॉलेज से निलंबित कर दिया है। इन सभी के अभिभावकों को सूचित कर दिया है। बारह सितंबर को इन छात्रों को अभिभावकों के साथ अनुशासन कमेटी के समक्ष पेश होने को कहा है। हमलावरों में बाहरी छात्र भी शामिल थे। यह हमलावर एसएफआई संगठन से जुड़े हैं। अनुशासन कमेटी ही परिसर में हिंसा और हथियारों के साथ हमला करने वाले छात्रों पर आगामी कार्रवाई अमल में लाएगी। हिंसा फैलाने वाले छात्रों को कॉलेज से स्थायी रूप से निलंबित किया जा सकता है।
संजौली कॉलेज में छात्रों के बीच चले लात घूंसे
कोटशेरा कॉलेज में सुबह करीब पौने दस बजे एसएफआई एबीवीपी के बीच हुई हिंसा का असर राजधानी के संजौली कॉलेज पर भी नजर आया। यहां दोपहर करीब एक बजे कॉलेज परिसर में ही एबीवीपी और एसएफआई के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इनके बीच जमकर लात घूंसे चले और धक्का मुक्की हुई। इसमें दो छात्रों को हल्की चोटें आई हैं। घटना होने पर मौके पर पहुंचे शिक्षकों ने बीच बचाव कर मामला शांत करवाया। कैंपस में पुलिस भी बुलाई थी। पुलिस छात्रों को लक्कड़ बाजार चौकी लेकर गई। कॉलेज प्राचार्य डॉ. सीबी मेहता ने कहा कि परिसर में सुबह से कक्षाएं चल रही थीं। इसी बीच एकाएक परिसर में दोनों छात्र गुट के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इनमें कुछ बाहरी तत्व भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि इस घटना में शामिल करीब दस कॉलेज के छात्रों की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचान की है। परिसर में लड़ाई झगड़ा करने और हिंसा फैलाने पर इनसे जवाब मांगा जाएगा। कहा कि इस घटना के बाद परिसर में नियमित कक्षाएं संचालित की गईं।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने किया हमला : अमन
एसएफआई की कोटशेरा कॉलेज के इकाई अध्यक्ष अमन ने आरोप लगाया है कि एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने एसएफआई कार्यकर्ताओं पर हथियारों से हमला किया। इसमें उनके बहुत से कार्यकर्ता घायल हुए हैं। कई दिनों से एबीवीपी के कार्यकर्ता परिसर में लड़ाई झगड़ा कर माहौल खराब कर रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने भी एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के पास से रॉड और हथियार पकड़े थे। कॉलेज प्रशासन गुंडागर्दी करने वालों पर कार्रवाई नहीं कर रहा है। मंगलवार सुबह एसएफआई के कार्यकर्ता कॉलेज परिसर में पहुंचे तो एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया। पीटीए फंड और छात्रावास की सुविधा के मामलों को लेकर आंदोलन कर रही एसएफआई पर दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
कॉलेज में माहौल खराब कर रही एसएफआई : सुशील
एबीवीपी के इकाई अध्यक्ष सुशील शर्मा ने मारपीट की घटना के लिए एसएफआई को जिम्मेदार ठहराया है। कहा कि वामपंथियों के छात्र संगठन एसएफआई ने एक बार फिर से कोटशेरा कॉलेज में खूनी इतिहास दोहराया है। एसएफआई कार्यकर्ताओं और बाहरी गुंडा तत्वों ने तेजधार हथियारों के साथ एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया। इसमें एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं। कॉलेज कैंटीन में एबीवीपी के कार्यकर्ता बैठे थे, इसी बीच एसएफआई कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया। कुछ दिनों से शहर के सभी कॉलेजों में एसएफआई माहौल खराब करने और हिंसा फैलाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कॉलेज और पुलिस प्रशासन से गुंडा तत्वों पर नकेल कसने और कार्रवाई करने की मांग की है।