इतने वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके बीआरसीसी हटेंगे, निदेशक को दिए निर्देश
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सरकार ने सूबे के विभिन्न शिक्षा खंडों में तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके खंड स्रोत समन्वयकों (बीआरसीसी) को हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही 30 अक्तूबर से पूर्व नए खंड स्रोत समन्यवकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करने को कहा है। कुछ दिन पूर्व खंड स्रोत समन्वयकों का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से शिमला में मिला था। इसने तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर चुके बीआरसीसी को सेवाविस्तार देने की मांग उठाई थी।
सरकार ने उनकी इस मांग को अवैध ठहराते हुए नई नियुक्ति के आदेश दिए हैं। सरकार से आदेश मिलने के बाद हिमाचल प्रदेश इंटिग्रेटेड स्कीम फार स्कूल एजूकेशन (आईएसएसई) निदेशक ने बुधवार को अधिसूचना जारी कर दी है।
इसके अनुसार जिले के सभी प्रारंभिक और उच्चतर शिक्षा विभाग के उपनिदेशकों और जिला परियोजना निदेशकों को उचित कार्रवाई करनी होगी। सरकार ने तीन वर्ष के कार्यकाल पूर्ण कर चुके अध्यापकों को उनके संबंधित स्कूलों में भेजने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही 30 अक्तूबर से पूर्व नए खंड स्रोत समन्यवकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करने को कहा है। प्रदेश में कुल 128 शिक्षा खंड हैं। प्रत्येक शिक्षा खंड के तहत प्रारंभिक शिक्षा विभाग और उच्चतर शिक्षा विभाग से एक-एक खंड स्रोत समन्वयक नियुक्त है। प्रदेश में कुल 256 खंड स्रोत समन्वयक कार्यरत हैं। खंड स्रोत समन्वयक को अपने शिक्षा खंड में सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) और माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) को सही तरीके से कार्यान्वित करने का जिम्मा दिया है।
पूर्व सरकार ने खंड स्रोत समन्वयकों की नियुक्ति को तीन वर्ष का कार्यकाल निर्धारित करते हुए नई भर्तियां की थीं। इसके तहत प्राइमरी और अपर प्राइमरी में खंड स्रोत समन्वयक नियुक्त किए थे। वर्तमान में प्रदेश में सैकड़ों ऐसे बीआरसीसी हैं, जिनका कार्यकाल पूर्ण हो चुका है। आईएसएसई के निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि बुधवार को अधिसूचना जारी कर दी गई है। नई भर्ती प्रक्रिया 30 अक्तूबर से पूर्व पूरी करने के निर्देश हैं।