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ब्लैक मेलर बंदर लौटा, रिज पर सैलानियों से छीनाझपटी

Wed, 27 Apr 2022 12:06 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Apr 2022 12:06 AM IST
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Blackmailer Monkey in shimla, addicted of ICcream
वन विभाग ने बीते साल जंगल में छोड़ा था यह बंदर
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लोगों से चश्मे छीनकर आईसक्रीम देने पर लौटाता है
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के रिज मैदान पर लोगों और सैलानियों के चश्मे छीनने वाला ब्लैकमेलर बंदर फिर लौट आया है। यह आए दिन लोगों के चश्मे और सामान छीन रहा है। चिप्स, आइसक्रीम आदि खाने पीने का सामान देने पर ही यह चश्मा लौटा रहा है। बंदर के आतंक से लोग फिर परेशान होने लगे हैं।
मंगलवार को भी इस बंदर ने रिज मैदान पर कई लोगों के चश्मे और सामान छीन लिया। एक सैलानी का चश्मा छीनने के बाद यह रेलिंग पर बैठ गया। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने सैलानियों से इसे कुछ खाने को देने के लिए कहा। सैलानियों ने इसे चिप्स का पैकेट दिया लेकिन कुछ देर हाथ में पकड़ने के बाद इसने पैकेट फेंक दिया। चश्मा हाथ में पकड़े यह बंदर रेलिंग पर चलने लगा। सैलानियों ने पैकेट से चिप्स निकालकर इसकी ओर फेंके, लेकिन इसने खाए तक नहीं। बाद में सैलानी एचपीएमसी दुकान से आइसक्रीम लेकर आए। आइसक्रीम रेलिंग पर रखने के बाद बंदर ने तुरंत इसे उठाया और चश्मा छोड़ दिया। यह बंदर दिनभर लोगों का सामान छीनता रहा।
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यह बिगड़ैल बंदर सैलानियों को ज्यादा निशाना बनाता है जो इससे अनजान हैं। बिस्किट, टॉफियां आदि देने पर यह सामान नहीं छोड़ता। खास बात यह है कि रेलिंग, बेंच पर बैठने वाले लोगों के चश्मे निकालकर ले जाता है। यदि इसे डराने की कोशिश करें तो यह काटने दौड़ता है या फिर सामान छत पर ले जाता है। वन विभाग ने बीते साल इस बंदर को पकड़ा था। बाद में इसे जंगल में छोड़ दिया, लेकिन यह वापस फिर रिज पहुंच गया है।
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रिज मालरोड पर बढ़ रहे झपटामार बंदर
मालरोड और रिज मैदान पर लोगों से खाने पीने का सामान झपटने वाले बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वन विभाग शिकायत के बावजूद इन्हें नहीं पकड़ रहा। स्कूली बच्चे और शहरवासी इन बंदरों के आतंक से परेशान हैं।

विभाग के हाथ खड़े, सिर्फ नसबंदी कर रहे
वन्यजीव विभाग के डीएफओ एन रविशंकर ने कहा कि शिकायत मिलने पर बंदर को पकड़ा जाता है और उसकी नसबंदी की जाती है। बाद में उसे वहीं छोड़ना पड़ता है जहां से पकड़ा गया हो। यदि बंदर की पहले ही नसबंदी की गई है तो उसे नहीं पकड़ सकते।
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