मंडी सीट के लिए भाजपा ने बिछाई नई चुनावी बिसात, इस प्रत्याशी पर खेलेगी दांव
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पिछली बार मोदी लहर में जीती मंडी लोकसभा सीट पर भाजपा ने अबकी नई बिसात बिछा दी है। भाजपा को सीएम जयराम ठाकुर के मंडी मूल से होने के नए फैक्टर से जीत की उम्मीद है, क्योंकि इतिहास में पहली बार मंडी की सीएम झटकने की जिद पूरी हुई है। हालांकि जिताऊ प्रत्याशी पर दांव खेलना होगा। मतदाताओं की नब्ज टटोलनी होगी।
इसी मुहिम में बुधवार को मंडी में पन्ना प्रमुखों का सम्मेलन बुलाया गया है। इसमें नब्ज टटोलने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह पहुंच रहे हैं। भाजपा मंडी में सुखराम, वीरभद्र जैसे दिग्गज नेताओं के प्रभाव को हल्के में नहीं ले रही है। जहां सुखराम की सुननी पड़ सकती है, वहीं कांग्रेस के दिग्गज वीरभद्र सिंह की हर चाल को मात देना चुनौती होगी।
2014 के चुनाव में देशव्यापी मोदी लहर में हिमाचल में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हुआ। तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी सांसद प्रतिभा सिंह कांग्रेस प्रत्याशी थीं जो चुनाव हार गईं। भाजपा के नए-नवेले प्रत्याशी रामस्वरूप शर्मा ने अप्रत्याशित वोट झटके।
पूर्व केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पंडित सुखराम की वीरभद्र से अंदरखाते तनातनी भाजपा के काम आई, जबकि सुखराम के बेटे अनिल शर्मा तत्कालीन वीरभद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। इस बार बदली परिस्थितियों में केंद्र और हिमाचल में अपनी सरकारें भाजपा के लिए लाभप्रद हैं। मंडी से मुख्यमंत्री होने के साथ पंडित सुखराम भाजपा के साथ हैं और उनके पुत्र अनिल शर्मा जयराम सरकार में भी कैबिनेट मंत्री हैं।
मगर पंडित सुखराम मौजूदा सांसद के स्थान पर अपने पोते के लिए टिकट मांगकर समीकरण बिगाड़ने के संकेत दे रहे हैं। मंडी लोकसभा सीट से महेश्वर सिंह भी दो बार सांसद रह चुके हैं जो अलग खेमे से हैं। वीरभद्र इसी सीट से सांसद रहते मनमोहन सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे हैं।
उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह भी यहीं से दो बार सांसद रही हैं। भाजपा के सामने ऐसी कई चुनौतियां हैं। प्रदेश भाजपा की राजनीति के जानकारों का कहना है कि मतदाता सूचियों के एक-एक पन्ने के करीब 30 हजार प्रमुखों की नब्जें टटोलने के लिए पहला सम्मेलन मंडी में हो रहा है।