कंडक्टर भर्ती पर उठा बवाल, फंस गए बाली
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हिमाचल में कंडक्टर भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। यात्रा विकास स्किल डेवलपमेंट के तहत परिवहन निगम में रखे जा रहे कंडक्टर भर्ती पर बवाल खड़ा हो गया। विधानसभा में विपक्ष ने इस मुद्दे पर परिवहन मंत्री को खूब घेरा।
एचआरटीसी ने बेरोजगार युवाओं को कंडक्टर का प्रशिक्षण देने का फैसला लिया है। इसमें युवाओं को 14 दिन का प्रशिक्षण दिए जाने के बाद साढ़े पांच महीने तक बसों में सेवाएं ली जानी है। विपक्षी विधायकों ने परिवहन निगम की इस भर्ती प्रक्रिया पर अपने चहेतों को फायदा देने का आरोप लगाया।
विधानसभा विधायक महेश्वर सिंह और महेंद्र सिंह ने कहा कि इन कंडक्टरों की भर्ती जिलावार की जानी थी, लेकिन सरकार ने अपने लोगों को फायदा देने के लिए सीटें कम ज्यादा कर दी। गौरतलब है कि पिछली बार करवाई भर्ती प्रक्रिया भी रद्द हो गई थी। इसमें भी भारी गोलमाल किया गया था।
महेश्वर सिंह ने उठाया मामला
हिलोपा विधायक महेश्वर सिंह ने कहा कि कंडक्टर भर्ती को लेकर भी सही दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री के विधानसभा क्षेत्र के लोग रिकांगपिओ, रोहडू और किन्नौर में कंडक्टर भर्ती के लिए आवेदन कर रहे हैं। इससे साफ होता है कि भर्ती में अपने लोगों को फायदा दिया जाना है।
वहीं भाजपा विधायक महेंद्र सिंह ने कहा कि कंडक्टर भर्ती का मामला कोर्ट में विचाराधीन है, जब तक कोर्ट से फैसला नहीं आ जाता तब तक इस भर्ती प्रक्रिया परो रोक लगाई जाएं। इस मसले पर काफी हंगामा हुआ।
गौरतलब है कि स्किल डेवलपमेंट के तहत कंडक्टरों को1000 रुपये मासिक जबकि 15 रुपये प्रति घंटा के हिसाब से राशि दी जानी है।