वीरभद्र के खिलाफ भाजपा का पोस्टर वार शुरू
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आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के ठिकानों पर सीबीआई छापों के बाद प्रदेश भाजपा सीएम पर इस्तीफा देने का लगातार दबाव बना रही है। धरना-प्रदर्शन के बाद भाजपा ने अब मुख्यमंत्री के खिलाफ पोस्टर वार शुरू किया है। लोगों को पर्चे बांटे जा रहे हैं। प्रदेश भाजपा महामंत्री रणधीर शर्मा ने कहा कि वीरभद्र सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं लेकिन वे सीएम की कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा है कि सीबीआई छापेमारी में उनके घर से केवल बिजली-पानी के बिल मिले हैं तो घबराहट क्यों हो रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबसे बड़ा न्यायालय जनता का दरबार होता है। भाजपा जनता के बीच मुख्यमंत्री व उनके परिवार के काले कारनामों की पोल खोलेगी।
ये लिखा है पर्चे में
वीरभद्र सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप उस समय लगे जब केंद्र में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार थी और वे स्वयं इस्पात मंत्री 30 नवंबर और 1 दिसंबर 2010 को इस्पात इंडस्ट्रीज नामक उद्योग में आयकर विभाग ने छापा मारा। एक डायरी जब्त की जिसमें वीबीएस के आगे 2 करोड़ 80 लाख रुपये की राशि लिखी थी। केंद्र में मंत्री रहते 2008 से 2011 के बीच अपने व अपने परिवार का बीमा करवाने के लिए 6 करोड़ 50 लाख की एकमुश्त किश्त नकद एलआईसी एजेंट के खाते में डाल दी।
छानबीन हुई तो 2 मार्च 2012 को वित्त वर्ष 2008-09, 2009-2010 और 2010-2011 की अपनी आयकर रिटर्न को संशोधित किया और सेब बगीचों की आय 47 लाख 35 हजार से बढ़ाकर 6 करोड़ 50 लाख से अधिक दर्शा दी। जून 2011 से नवंबर 2011 के बीच वक्कामुल्ला चंद्रशेखर के बैंक खातों से वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में 5 करोड़ 90 लाख की धनराशि ट्रांसफर की गई।