64 साल का पीएसओ कर रहा 85 साल के भाजपा सांसद की सुरक्षा, सरकार मेहरबान
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हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार की सुरक्षा का जिम्मा 64 साल के एक पीएसओ के जिम्मे है। मानकों व पुलिस स्टैंडिंग ऑर्डरों को धता बताते हुए शांता कुमार की इच्छा पर भाजपा से लेकर कांग्रेस तक की सरकारें पिछले छह साल से उस पीएसओ को सेवा विस्तार देती आ रही हैं।
लेकिन हिमाचल में कर्मचारियों के बीच सख्त छवि रखने वाले शांता कुमार अपने ही पीएसओ पर मेहरबान हैं। शांता के पीएसओ नरेश कटोच 64 साल की उम्र के हैं। लेकिन रिटायरमेंट उम्र के छह साल बाद भी पूर्व मुख्यमंत्री को कटोच के तैनात रहने से खासा सुरक्षित महसूस होता है।
यही कारण है कि पिछले छह साल से वीरभद्र सिंह से लेकर वर्तमान जयराम सरकार पीएसओ को सेवा विस्तार देती जा रही हैं। सूत्रों की मानें तो निजी सुरक्षा कर्मी मुहैया कराने वाली सीआईडी भी कई बार नरेश की तैनाती व सेवा विस्तार पर आपत्ति कर चुकी है लेकिन सीआईडी के विधिक तर्कों के बावजूद शांता कुमार की इच्छा भारी रहती है।
निजी सुरक्षा कर्मी देने पर हो चुका है विवाद
जयराम सरकार के सत्तासीन होने के बाद विधायकों व पूर्व मुख्यमंत्रियों को निजी सुरक्षा कर्मी देने को लेकर डीजीपी सीताराम मरडी के साथ खासा विवाद हुआ। इसके बावजूद जयराम सरकार ने हाल ही में पीएसओ को दो साल का सेवा विस्तार दे दिया है। यह तब है, जब सत्तासीन सरकार के नेता विपक्ष में रहते हुए रिटायर्ड अधिकारियों कर्मचारियों की वजह से वीरभद्र सरकार को टायर्ड रिटायर्ड की सरकार कहते थे।
क्या है पुलिस के स्टैंडिंग ऑर्डर- 40 पार के पुलिस कर्मी को निजी सुरक्षा कर्मी (पीएसओ) के तौर पर अनफिट माना जाता है। उसे कमांडो या पीएसओ कोर्स के अलावा हर साल फायरिंग प्रैक्टिस व शारीरिक फिटनेस बरकरार रखनी होती है। सर्विस रिकार्ड भी बेहद अच्छा होना जरूरी होता है।