'अपनी गलतियों का ठीकरा दूसरे के सिर फोड़ना चाहते हैं वीरभद्र '
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भाजपा महासचिव रणधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अपनी गलतियों का ठीकरा भाजपा के सिर फोड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान ही मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के घर पर आयकर विभाग के छापे पड़े थे। उस वक्त वीरभद्र सिंह केंद्रीय मंत्री थे। अब मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कह रहे है कि उनके खिलाफ चल रही सीबीआई जांच में भाजपा नेताओं का हाथ है।
रणधीर शर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि गलत कार्यों का दोष दूसरों के मत्थे मढ़ना वीरभद्र सिंह की पुरानी आदत है। उन्होंने कहा कि आय से अधिक संपति के मामले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पूरी तरह से घिर चुके हैं। जनता का ध्यान भटकाने के लिए सीएम पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और भाजपा नेताओं की आय से अधिक जांच कराने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएम बोलते है, लेकिन करने की हिम्मत नहीं रखते। भाजपा नेता उनकी धमकियों से डरने वाले नहीं है।
सीएम के निजी प्रधान सचिव पर भी साधा निशाना
उन्होंने कहा कि आयकर विभाग के छापे के दौरान मिली डायरियों में वीबीएस के नाम के आगे करोड़ों का लेनदेन की बात हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में हुई भर्तियों पर भी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह विभाग मुख्यमंत्री के पास है। ऐसे में भर्तियों में गड़बड़ी कर अधिकारियों के तबादले करना गंभीर मामला है।
रणधीर शर्मा ने प्रेसवार्ता में सीएम के निजी प्रधान सचिव पर भी आरोप प्रत्यारोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूर्व में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान भी वह मुख्यमंत्री के निजी प्रधान सचिव थे, सेवानिवृत्ति के बाद भी वह सीएम के निजी प्रधान सचिव होते हुए आय से अधिक के संपत्ति के मामले में फंसे है। उन्होंने कहां कि जब सीएम कार्यालय में ही इस तरह के कारनामे हो रहे हैं तो अन्य विभाग को क्या हो सकता है?
भाजपा महासचिव रणधीर शर्मा ने कहा कि दाल चना में ही नहीं बल्कि काला मसूर में भी सरकार ने घोटाला गया है। चहेतों को फायदा देने के लिए काला मसूर की दाल में फार्म को फायदा पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बीते तीन दिन हरियाणा में काला मसर के टेंडर हुए। इसमें 67.35 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से टेंडर हुआ है जबकि हिमाचल में काला मसर की दाल का टेंडर 93.1 रुपये के हिसाब से किया गया।