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Shimla News: एमसी के सदन में जलसंकट पर भाजपा पार्षदों का हंगामा
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आधा घंटा तक सदन में धरने पर बैठे रहे पार्षद, जमकर की नारेबाजी, कांग्रेस पार्षद बोले-यह ड्रामा बंद करो
महापौर सुरेंद्र चौहान केे आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में गहराए पेयजल संकट पर बुधवार को नगर निगम सदन में जमकर हंगामा बरपा। महापौर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में दोपहर 2:30 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो भाजपा पार्षदों ने हल्ला बोल दिया।
भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर, कमलेश मेहता, आशा शर्मा ने महापौर से सवाल पूछा कि आखिर शहरवासियों को कब पानी की परेशानी से छुटकारा मिलेगा। लोगों को आठ से नौ दिन बाद पानी मिला है जबकि वीआईपी को पहले सप्लाई दी जा रही है। आखिर गाद का बहाना कब तक चलेगा। हफ्ते बाद भी कई इलाकों में आधी रात को पानी आ रहा है। भाजपा पार्षदों के सवाल उठाते ही कांग्रेस पार्षदों ने भी बचाव में मोर्चा संभाल लिया। कांग्रेस पार्षद अश्वनी सूद बोले कि शहर में पानी की कोई परेशानी नहीं, भाजपा ड्रामा बंद करे। सुषमा कुठियाला, अनिता शर्मा, मोनिका भारद्वाज ने कहा कि पानी पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। कुछ कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि उनके वार्ड में पानी का कोई संकट नहीं है। इस पर भाजपा पार्षद बिफर गए। बोले कि जनता की परेशानी उठाने से कांग्रेस पार्षद डर रहे हैं।
शहर में पानी की भी बंदरबांट हो रही है। नारेबाजी करते हुए भाजपा पार्षद महापौर के सामने आ गए और धरने पर बैठ गए। करीब आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा। इस दौरान कांग्रेस और भाजपा पार्षद आपस में भी उलझ गए। इसके बाद महापौर सुरेंद्र चौहान ने पार्षदों को शांत करवाया। कहा कि वह हालात जानते हैं। पेयजल आपूर्ति सामान्य करने के प्रयास चल रहे हैं।
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गिरि का दौरा करेंगे पार्षद
कंपनी के सहायक अभियंता आदर्श चौहान ने पार्षदों को पेयजल संकट के कारणों के बारे में बताया। कहा कि गिरि में गाद के कारण आपूर्ति बाधित हुई। महापौर ने कहा कि सभी पार्षद गिरि जाकर खुद देख सकते हैं कि वहां क्या हालात हैं। सबकी सहमति से शुक्रवार को गिरि जाने की योजना बनाई गई है। हालांकि, सवाल यहह है कि पार्षद इस दौरे पर जाकर आखिर क्या करेंगे?
गिरि में डाल रहे सड़क का मलबा
भट्ठाकुफर पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि गिरि के आसपास इन दिनों के एक सड़क बन रही है। इसका मलबा गिरि में फेंका जा रहा है। सदन ने फैसला लिया कि इस पर सरकार को पत्र लिखेंगे।
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महापौर सुरेंद्र चौहान केे आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में गहराए पेयजल संकट पर बुधवार को नगर निगम सदन में जमकर हंगामा बरपा। महापौर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में दोपहर 2:30 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो भाजपा पार्षदों ने हल्ला बोल दिया।
भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर, कमलेश मेहता, आशा शर्मा ने महापौर से सवाल पूछा कि आखिर शहरवासियों को कब पानी की परेशानी से छुटकारा मिलेगा। लोगों को आठ से नौ दिन बाद पानी मिला है जबकि वीआईपी को पहले सप्लाई दी जा रही है। आखिर गाद का बहाना कब तक चलेगा। हफ्ते बाद भी कई इलाकों में आधी रात को पानी आ रहा है। भाजपा पार्षदों के सवाल उठाते ही कांग्रेस पार्षदों ने भी बचाव में मोर्चा संभाल लिया। कांग्रेस पार्षद अश्वनी सूद बोले कि शहर में पानी की कोई परेशानी नहीं, भाजपा ड्रामा बंद करे। सुषमा कुठियाला, अनिता शर्मा, मोनिका भारद्वाज ने कहा कि पानी पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। कुछ कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि उनके वार्ड में पानी का कोई संकट नहीं है। इस पर भाजपा पार्षद बिफर गए। बोले कि जनता की परेशानी उठाने से कांग्रेस पार्षद डर रहे हैं।
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शहर में पानी की भी बंदरबांट हो रही है। नारेबाजी करते हुए भाजपा पार्षद महापौर के सामने आ गए और धरने पर बैठ गए। करीब आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा। इस दौरान कांग्रेस और भाजपा पार्षद आपस में भी उलझ गए। इसके बाद महापौर सुरेंद्र चौहान ने पार्षदों को शांत करवाया। कहा कि वह हालात जानते हैं। पेयजल आपूर्ति सामान्य करने के प्रयास चल रहे हैं।
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गिरि का दौरा करेंगे पार्षद
कंपनी के सहायक अभियंता आदर्श चौहान ने पार्षदों को पेयजल संकट के कारणों के बारे में बताया। कहा कि गिरि में गाद के कारण आपूर्ति बाधित हुई। महापौर ने कहा कि सभी पार्षद गिरि जाकर खुद देख सकते हैं कि वहां क्या हालात हैं। सबकी सहमति से शुक्रवार को गिरि जाने की योजना बनाई गई है। हालांकि, सवाल यहह है कि पार्षद इस दौरे पर जाकर आखिर क्या करेंगे?
गिरि में डाल रहे सड़क का मलबा
भट्ठाकुफर पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि गिरि के आसपास इन दिनों के एक सड़क बन रही है। इसका मलबा गिरि में फेंका जा रहा है। सदन ने फैसला लिया कि इस पर सरकार को पत्र लिखेंगे।