चुनावी मोड पर नजर नहीं आ रहीं भाजपा और कांग्रेस
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हिमाचल की प्रमुख राजनीतिक पार्टियां भाजपा और कांग्रेस पूरी तरह से चुनावी मोड में नजर नहीं आ रही हैं। भाजपा संगठन के कई नेताओं का ज्यादा ध्यान अपनी ही सरकार में खुद की ताजपोशी पर है। दूसरी ओर गुटों में बंटी कांग्रेस भी चुनावी प्रचार के लिए कम दमखम दिखाती नजर आ रही है।
लोकसभा चुनाव अगले साल प्रस्तावित हैं। अब तक हिमाचल की चारों सीटें भाजपा के पास हैं। वर्तमान में हिमाचल में लोकसभा की चारों सीटों की बात करें तो कांगड़ा में शांता कुमार, हमीरपुर में अनुराग ठाकुर, मंडी में रामस्वरूप शर्मा और शिमला में वीरेंद्र कश्यप भाजपा से ही सांसद हैं।
हिमाचल में भाजपा को सत्ता में आए हुए नौ महीने होने लगे हैं। कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में मुंह की खानी पड़ी। राज्य विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का बड़ा कारण मोदी का देशव्यापी प्रभाव, कांग्रेस की तत्कालीन
राज्य सरकार से जनता का मोहभंग और हिमाचल में एक पार्टी को केवल पांच साल तक ही सत्तासीन रहने देने का ट्रेंड रहे हैं। लोकसभा चुनाव में जयराम सरकार के एक साल के कार्यकाल का लेखा-जोखा जनता के सामने होगा।
ऐसे में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य सरकारी नीतियों और योजनाओं के प्रचार-प्रसार में जुटे हैं, मगर अगर भाजपा संगठन के नेताओं की बात करें तो उनकी सक्रियता फ ील्ड में ठीक वैसी नजर नहीं आ रही है, जिससे कहा जा सके कि वे चुनावी मोड में पूरी तरह से आ चुके हैं।
संगठन के जिन नेताओं की सरकार में ताजपोशियां नहीं हो पाई है, वे जैसे मुंह मोड़े हैं। ये करीब दो दर्जन निगमों-बोर्डों में अपनी ताजपोशियां का राग छेड़े हुए हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता तो मौका पाते ही एक-दूसरे पर पिल पड़ रहे हैं
। नई प्रभारी रजनी पाटिल के सामने ही कांग्रेस नेताओं की गुटबाजी अनेक बार सामने आ चुकी है। वीरभद्र और सुक्खू मेें तनातनी की बात हो या फिर दूसरे नेताओं के एक-दूसरे के खिलाफ मुखर होने की। इससे साफ है कि कांग्रेस एकुजट नहीं हुई तो इसके लिए पिछली बार की तरह अपना खाता खोलना आसान नहीं होगा।
क्या कहते हैं कांग्रेस और भाजपा नेता
हिमाचल भाजपा के सामने मिशन 2019 है। 19 और 20 तारीख को प्रस्तावित प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक में तमाम मुद्दों पर चर्चा होनी है। भाजपा का प्रचार गति पकड़ेगा। - गणेश दत्त, उपाध्यक्ष, प्रदेश भाजपा।
कांग्रेस का प्रचार आने वाले दिनों में यह और तेज होगा। चुनाव को अभी समय है। अगर ये मई तक होते हैं तो उस हिसाब से कांग्रेस सक्रिय भी है। जहां भाजपा से लड़ने की बात है तो कांग्रेस इसके लिए एकजुट है। - नरेश चौहान, मुख्य प्रवक्ता, प्रदेश कांग्रेस