शीतकालीन सत्र में सरकार को घेरने के लिए ‘चक्रव्यूह’
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बजट और मानसून सत्र के बाद भाजपा ने शीतकालीन सत्र में भी हिमाचल प्रदेश सरकार को घेरने के लिए पूरी तरह चक्रव्यूह की रचना कर दी है।
महज सात दिन के सत्र के लिए प्रदेश के विधायकों ने 450 से अधिक चुभते सवाल दाग दिए हैं, जिसका जवाब तलाशना सरकार के अफसरों के लिए बेहद मुश्किल हो रहा है।
प्रदेश की माली हालत से लेकर कानून और माफिया के राज्य में बढ़ते कदम से संबंधित तीखे प्रश्न किए गए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस बार भी सत्र बेहद हंगामेदार हो सकता है।
राजधानी में तारादेवी मंदिर के पास 35 बीघा जमीन पर काटे गए हरे पेड़ कटान के मुद्दे को भाजपा की ओर से प्रमुखता से उठाने की तैयारी है।
मुश्किल में अफसर
सूत्रों की मानें तो कई सवालों के जवाब तैयार करना महकमों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। सचिवालय के तकरीबन हर अधिकारी सवालों के जवाब बनाने में जुटा है। कई तो ऐसे अफसर हैं, जिनके पास सवालों के जवाब ही नहीं मिल पा रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि पिछली बार भी 600 से अधिक सवाल लगे थे। इस बार भी भाजपा चाहती है कि जनता के मुद्दों पर चर्चा हो, लेकिन अगर सरकार ने विधायकों का अपमान किया तो फिर किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वैसे चार दिसंबर को भाजपा विधायक मंडल दल की बैठक तय की गई है, जिसमें अंतिम तौर पर रणनीति तय की जाएगी।
संसदीय कार्य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के अनुसार सरकार पूरी कोशिश करेगी कि विपक्ष से बात करके शीतकालीन सत्र को शांति पूर्ण तरीके से चलाए।