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फोन टैपिंग केस में पूर्व डीजी को राहत, कहा-मुझे फंसाने वाले नहीं बचेंगे

Fri, 27 May 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 27 May 2016 12:00 AM IST
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Big relief to Ex DGP ID Bhadari in phone tapping case.
फोन टैपिंग के आरोपों से घिरे हिमाचल के पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी को सीजेएम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। - फोटो : अमर उजाला

फोन टैपिंग के आरोपों से घिरे हिमाचल के पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी को सीजेएम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने सरकार की ओर से दायर की गई चार्जशीट के तथ्यों को ट्रायल चलाने लायक ही नहीं माना।

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साथ ही कोर्ट ने आईडी भंडारी की ओर से सेक्शन 239 के तहत दाखिल की गई दलीलों को सही मानते हुए मामला खारिज कर दिया। कोर्ट के इस निर्णय के साथ ही पूर्व डीजीपी ने फिर मुख्यमंत्री और उनके कारखासों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भंडारी ने कहा कि गलत सूचनाओं और भ्रामक बयानों के जरिये जिन लोगों ने उनकी छवि को खराब करने का प्रयास किया, अब उन सबके खिलाफ वह जो भी न्यायसंगत कार्रवाई होगी, करेंगे।
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फोन टैपिंग करने के आरोपों और रिटायरमेंट के दिन चार्जशीट होने वाले सूबे के पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी ने वीरवार को प्रेस कांफ्रेंस भी की। इसमें भंडारी ने सीएम वीरभद्र सिंह, वर्तमान डीजी होमगार्ड एसआर मर्डी, वर्तमान आईडी और रेजिडेंट कमिश्नर एपी सिंह, सीएम के प्रधान निजी सचिव सुभाष आहलुवालिया पर जमकर निशाना साधा। कहा, कि वर्तमान सरकार के मुख्यमंत्री भ्रष्ट अधिकारियों से घिरे हुए हैं।
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भ्रष्ट लोग फल फूल रहे हैं और कर्मठ अधिकारी अनदेखे किए जा रहे हैं। तेरह से चौदह सौ फोन नंबरों की टैपिंग करने और जेल भेजने की बात करने वाले मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। बताना चाहिए कि किस बात के बल पर उन्होंने आरोप लगाते हुए ऐसे भ्रामक तथ्य फैलाकर मीडिया ट्रायल कराया।

मुझे मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी

Big relief to Ex DGP ID Bhadari in phone tapping case.
भंडारी ने कहा कि खुद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह मीडिया में जानबूझ कर गलत बयानबाजी कर मानसिक प्रताड़ना देने का प्रयास कर रहे थे। - फोटो : अमर उजाला

भंडारी ने कहा कि मेरे तीस साल के करियर में कई मुख्यमंत्री आए और सभी ने उन्हें बेहतरीन अफसर बताते हुए एसीआर में उम्दा रिमार्क लिखे। लेकिन एक तरफ जांच एजेंसियों और खुद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह मीडिया में जानबूझ कर गलत बयानबाजी करते हुए सैकड़ों मोबाइल नंबरों की टैपिंग की बात कर मानसिक प्रताड़ना देने का प्रयास कर रहे थे।

कहा कि कोर्ट में जब सरकार ने चार्जशीट दाखिल की तो उसमें सिर्फ दो नंबरों की बात सामने आई। खास बात यह है कि जिन दो नंबरों को सरकारी मशीनरी ने टैप होना बताया, उसमें से एक सब्जी वाला और दूसरा तिब्बत के निवासी का था।

जिसने किया उसे भरना होगा

Big relief to Ex DGP ID Bhadari in phone tapping case.
पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी - फोटो : अमर उजाला

भंडारी ने कहा कि उनके खिलाफ जानबूझ कर तथ्यों से हेराफेरी कर फंसाने का प्रयास किया गया। साथ ही मीडिया में गलत बयान जारी कर बदनाम करने का भी प्रयास किया। करीब ढाई साल तक उनके खिलाफ सरकार की ओर से साजिश के तहत काम किया गया। अब साजिश करने वाले हर व्यक्ति को सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा, चाहे वह मानहानि के रूप में हो या फिर न्यायिक कार्रवाई।

इसलिए कोर्ट ने नहीं मानी सरकार की दलील
दरअसल, एडीजी सीआईडी और डीजीपी रहते हुए प्रदेश की वीरभद्र सरकार ने आईडी भंडारी के खिलाफ इंडियन टेलीग्राफ एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की थी। इस कार्रवाई के दौरान सिर्फ भंडारी को ही आरोपी बनाते हुए जांच की गई। जबकि फोन टैपिंग सब इंस्पेक्टर स्तर के पुलिस कर्मी करते हैं और आईजी स्तर का अधिकारी उनका नोडल अफसर होता है।

इसके अलावा पुलिस के कहने पर लाइन डायवर्ट करने का काम टेलीकॉम कंपनी का होता है। लेकिन इनमें से किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को जांच के दायरे में नहीं लाया गया। इसके अलावा कोर्ट में भंडारी ने यह भी दलील दी कि जांच एजेंसियों ने बिना उनकी इजाजत उनकी अलमारी को सीज किया और फिर खोल भी लिया।

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