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हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र: सदन में पीटीए शिक्षकों समेत इन मुद्दों पर हुई चर्चा

Fri, 30 Aug 2019 09:38 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 30 Aug 2019 09:38 PM IST
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big public issues raised during question hour including pta teacher in himachal assembly
विधानसभा की कार्यवाही का संचालन करते अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल - फोटो : अमर उजाला

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नियुक्त 6276 पीटीए शिक्षकों का भविष्य सुप्रीमकोर्ट में विचाराधीन मामले के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा। शुक्रवार को विधायक राकेश सिंघा और आशा कुमारी के सवाल का लिखित जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 4995 पीटीए शिक्षक तीन साल से अधिक समय से अनुबंध पर नियुक्त हैं।

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1054 एनएचएम कर्मियों को नियमित करने का विचार नहीं 
शिमला। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत प्रदेश में 1054 कर्मचारी अनुबंध आधार पर नियुक्त हैं। विधायक आशीष बुटेल के सवाल के लिखित जवाब में स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने बताया कि इन कर्मचारियों को अभी नियमित करने या इन्हें नियमित कर्मियों के बराबर वेतन-भत्ते देने की सरकार की कोई योजना नहीं है।
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सरकार के पास नहीं करुणामूलक नौकरियों का ब्योरा

 जनवरी 2018 से अभी तक कितने लोगों को विभिन्न विभागों में करुणामूलक आधार पर नियुक्तियां दी गईं, सरकार के पास इसका ब्योरा नहीं है। विधायक अनिरुद्ध सिंह, सुखविंद्र सिंह सुक्खू, सुरेंद्र शौरी और रविंद्र कुमार के सवाल पर मुख्यमंत्री ने लिखित में बताया कि इस बाबत सूचना एकत्र की जा रही है। विधायकों ने पूछा था कि गत तीन वर्षों से करुणामूलक आधार पर नियुक्तियों के कितने मामले लंबित हैं? लंबित मामले किन विभागों से संबंधित हैं?

ठियोग-हाटकोटी सड़क निर्माण को बन रही 56 करोड़ की डीपीआर
ठियोग-हाटकोटी-रोहड़ू राष्ट्रीय राजमार्ग 705 के विकास एवं रखरखाव के लिए लोक निर्माण विभाग को अधिकृत किया गया है। इस मार्ग में अभी सड़क कटान का 50 मीटर, मैटलिंग 500 मीटर, टारिंग 10 किलोमीटर, आठ पुलों, तीन पुलियों तथा रिटेनिंग वॉल सहित कुछ अन्य कार्य किए जाने प्रस्तावित हैं। इस कार्यों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार की वार्षिक योजना 2019-20 में स्वीकृति के लिए 56 करोड़ प्रस्तावित हैं। इसकी डीपीआर मंत्रालय के दिशा-निर्देशानुसार तैयार की जा रही है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण प्रक्रिया शुरू होगी। विधायक मोहन लाल ब्राक्टा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने लिखित में यह जानकारी दी।

आबकारी विभाग ने वसूली 16.32 लाख की पेनल्टी

पिछले एक साल में सरकार ने 139 जनमंच करवाए हैं। इनके आयोजन पर 2.72 करोड़ रुपये का खर्च आया है। यह जानकारी ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री ने विधायक राजेंद्र राणा के सवाल के लिखित जवाब में दी है। सरकार ने शराब ठेकों, बार, रेस्टोरेंट और होटलों पर शराब का पूरा कोटा न खरीदने पर प्रदेश आबकारी विभाग ने 16.32 लाख की पेनल्टी लगाई है।

सरकार ने विधायक विक्रमादित्य सिंह और आशीष बुटेल के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। सरकार ने कहा कि होटलों व बार को निकट के वेंडर से ही शराब खरीदने संबंधी कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।

तय नियमों में होता है आशा वर्करों का चयन

प्रदेश में आशा वर्करों को ग्रामीण क्षेत्रों में 800 की जनसंख्या पर एक और शहरी क्षेत्रों में 1000 की जनसंख्या पर नियुक्त किया जाता है। यह जानकारी सरकार ने विधायक विनय कुमार के सवाल के लिखित जवाब में दी।

बताया कि आशा वर्करों के चयन को सरकार ने मापदंड तय किए हैं। आशा वर्कर को स्थानीय वार्ड की रहने वाला होना जरूरी है। उसकी उम्र 25 से 45 साल तक होनी चाहिए।

ग्रामीण क्षेत्र में आठवीं और शहरी क्षेत्र में दसवीं पास होना जरूरी है। सेलेक्शन कमेटी आशा वर्करों का चयन करती है। इसमें मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी अथवा बीएमओ सदस्य सचिव होते हैं, जबकि ईओ या बीडीओ और स्ीडीपीओ कमेटी के सदस्य होते हैं।

निजी शिक्षण संस्थानों में नियुक्तियों को कोई रोस्टर नहीं 

सरकारी सहायता प्राप्त निजी शिक्षण संस्थानों में नियुक्तियों के लिए कोई भी रोस्टर नहीं लगाया जाता है। संबंधित निजी शिक्षण संस्थान नियुक्तियां अपने स्तर पर करते हैं।

विधायक रमेश धवाला के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने लिखित में यह जवाब दिया। शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में केवल पांच निजी महाविद्यालय हैं। इन्हें सरकार से 95 प्रतिशत सहायता अनुदान दिया जा रहा है। कोई भी निजी स्कूल सहायता अनुदान प्राप्त नहीं है।

आवारा कुत्तों के काटने से कई लोगों की हुई मौत 

स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने कहा कि प्रदेश में आवारा कुत्तों के काटने के बाद रैबीज से लोगों की मौत हो रही है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं। एंटी रैबिज टीके मुख्यमंत्री निशुल्क दवाई योजना के तहत प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व उच्चतर सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निशुल्क उपलब्ध हैं।

जून 2019 में रैबीज प्रोफिलेक्सिस और इंट्राडरमल रैबीज टीकाकरण को दिशा-निर्देश तैयार किए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने यह जानकारी नगरोटा के विधायक अरुण कुमार के लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।

उन्होंने कहा कि आरकेवीवाई - आरएएफटीएआर के तहत विभाग की ओर से केंद्र को कुत्तों के रैबीज रोग प्रतिरोधक टीकाकरण के लिए एक परियोजना का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके तहत प्रदेश के सभी पालतू कुत्तों को निशुल्क रैबीज रोग प्रतिरोधक टीकाकरण का प्रावधान है। 

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