फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Beas river will be seen in its old form, direction will change at five places

Kullu News: पुराने स्वरूप में दिखेगी ब्यास नदी, पांच स्थानों से मुड़ेगा रुख

Tue, 19 Dec 2023 12:07 PM IST
Krishan Singh रोशन ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
रोशन ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Published by: Krishan Singh Updated Tue, 19 Dec 2023 12:07 PM IST
सार

आईआईटी रूड़की और मंडी की तकनीकी टीम की ओर से किए सर्वे के बाद जिले में करीब 44 जगहों को चिन्हित किया गया है। 

विज्ञापन
Beas river will be seen in its old form, direction will change at five places
कुल्लू-मनाली हाईवे(फाइल) - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में ब्यास का पानी घरों और सड़कों के लिए खतरा न बने, इसके लिए नदी के रुख को मोड़ने का काम शुरू हो गया है। आईआईटी रूड़की और मंडी की तकनीकी टीम की ओर से किए सर्वे के बाद जिले में करीब 44 जगहों को चिन्हित किया गया है। प्रशासन ने इसकी शुरूआत कुल्लू में ब्यास नदी के पतलीकूहल, शिरढ़, जिया, देव धाम और पार्वती घाटी के कसोल के चोजनाला से की है। नदियों को रुख मोड़ने के बाद इसमें एकत्रित होने वाले पत्थर और रेत को बाद में नीलामी कर सरकार को लाखों रुपये का राजस्व आएगा।

विज्ञापन


ब्यास के अलावा जिले के बंजार की तीर्थन नदी, मणिकर्ण की पार्वती नदी और जिला मुख्यालय के साथ बहने वाली सरवरी खड्ड शामिल है। बरसात में आई आपदा के समय तीनों नदियों और सरवरी खड्ड ने भारी तबाही मचाई। कई जगहों पर नदियों का रुख मुड़ गया। जो भविष्य में लोगों के घरों, बाजारों और हाईवे के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। आपदा के बाद प्रदेश सरकार हरकत में आई और कुल्लू की ऐसी जगहों को चिन्हित करने के लिए सर्वेक्षण किया गया। सितंबर में आईआईटी रूड़की, आईआईटी मंडी, भूवैज्ञानिक और जलशक्ति विभाग, प्रशासन की संयुक्त टीम ने सर्वे कर इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपी है।
विज्ञापन


सरकार ने हरी झंडी देते हुए उपरोक्त तीन नदियों और एक खड्ड के उन जगहों से पानी के बहाव को बदलकर उसे पुराने स्वरूप में लाने की कवायद प्रशासन ने शुरू कर दी है। ब्यास नदी में मनाली के पलचान से लेकर औट सबसे अधिक काम होगा। जहां नदी को जगह-जगह रुख मोड़ टापू बने हैं। इसके लिए एक सब कमेटी बनाई गई है। इस दौरान अगर कोई काम को रोकने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन एक्ट में मामला दर्ज किया होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


लोक निर्माण विभाग की देखरेख में होगा काम
पांच जगहों में पहले चरण में ब्यास नदी के रुख मोड़ने का काम शुरू हो गया है। इसकी निगरानी संबंधित लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता की ओर से की जाएगी। बीच-बीच में एसडीएम इसका निरीक्षण करते रहेंगे।


पहले चरण में ब्यास नदी में चार जगह और पार्वती के कसोल के पास चोजनाला में एक जगह पर बने टापुओं से मलबा, पत्थरों को हटवाकर नदी को पुराने स्वरूप में लाया जाएगा। इसका काम शुरू कर दिया है। इसमें निकलने वाले रेत और पत्थरों को बाद में सरकार के आदेश पर नीलाम किया जाएगा।-विकास शुक्ला, एसडीम, कुल्लू

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed