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कौल सिंह के दरबार में फरियादी बनकर पहुंचे बुटेल

Tue, 20 Jan 2015 01:56 PM IST
Updated Tue, 20 Jan 2015 01:56 PM IST
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bbl butail demands doctors for phc.

राजधानी शिमला में सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय में लगे स्वास्थ्य मंत्री के दरबार में अपने इलाके के लिए डॉक्टर मांगने खुद विधानसभा अध्यक्ष बीबीएल बुटेल पहुंच गए। बुटेल ने मंत्री कौल सिंह ठाकुर से भेंटकर उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र की समस्या से अवगत करवाया।

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बुटेल ने कौल सिंह ठाकुर को अपने पालमपुर स्थित निर्वाचन क्षेत्र में तीन पीएचसी के लिए डॉक्टर मांगे। बुटेल ने कौल सिंह ठाकुर से अनुरोध किया कि उनके यहां पीएचसी कंदवाड़ी और बनूरी में डॉक्टर के पद खाली हैं।
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ठीक इसी तरह से नई घोषित पीएचसी मनचाड़ा में भी चिकित्सक की तैनाती की जाए। बुटेल ने कहा कि वह कांग्रेस पार्टी में पहले आते हैं और उसी के बाद ही विधायक एवं स्पीकर हैं।

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कौल सिंह ने सुनी लोगों की समस्याएं

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कौल सिंह ठाकुर कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन शिमला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम लोगों से मिले। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं आम लोगों की समस्याओं को सुना और उनका निपटारा किया।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता संजय सिंह चौहान ने कहा कि स्वास्थ्य एवं राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर के प्रात: कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन पंहुचने पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव हरभजन सिंह भज्जी, मुख्य प्रवक्ता नरेश चौहान, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र चौहान, प्रवक्ता संजय सिंह चौहान, कार्यकारिणी सदस्य महेंद्र चैहान, मुख्य संसदीय सचिव रोहित ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस विधि विभाग के चेयरमैन आईएन मेहता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

उधर, स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर से लाहौल स्पीति का प्रतिनिधिमंडल, नर्सिंग छात्र, नगर परिषद सोलन सहित विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने भी मुलाकात की।

मंत्री के गृह जिले में नहीं अस्पताल ले जाने के इंतजाम

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वहीं, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री कौल सिंह ठाकुर के गृह जिले में मरीज बेहाल हैं। कई गांवों में न सड़क है और न स्वास्‍थ्य संस्‍थान। बीमार होने पर परिजनों को पालकी में उठाकर मरीजों को अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है। मंडी के दर्जनों गांव आज भी स्वास्थ्य सुविधाओं से महरूम हैं।

जिले में करीब 20 गांव अभी तक सड़क सुविधा वंचित हैं। जिसमें जिला के गोहर क्षेत्र में नलवागी, करथाच, करेरी, काण, दरहल, खोलानाल, कशौड़ भेटाधार, डगैल गांव से सड़क 10 से 15 किलोमीटर दूरी पर हैं।

मौजूदा समय में करसोग क्षेत्र के परलोग, गरयाला, मैंहडी, लोअर दोघरी, सलाणा, विरण, स्यांज बगड़ा गांव में सड़कें चार किलोमीटर की दूरी पर है। वहीं सड़क से स्वास्थ्य संस्थान करीब चार से पांच किलोमीटर दूरी पर है।

सरकार को सौंप चुके हैं ज्ञापन

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लडभड़ोल क्षेत्र के कदराण में सड़क पांच किलोमीटर और चार किलोमीटर की दूरी पर स्वास्थ्य संस्थान है। जोगिंद्रनगर की निकटवर्ती पंचायत भराड़ू के वार्ड नंबर तीन कोठी-भौरा क्षेत्र में आज भी सड़क सुविधा न होने पर रोगियों को पालकी में उठाकर ही अस्पताल ले जाना पड़ रहा है।

गांव के बच्चों को चार किलोमीटर पैदल सफर कर स्कूल पहुंचना पड़ता है। बीमारी और गर्भावस्था के दौरान लोगों को मरीजों को पालकी में बिठाकर दो किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। स्वास्थ्य संस्थान करीब दस किलोमीटर की दूरी पर है।

वहीं इस संबंध में भराड़ू पंचायत के पूर्व उपप्रधान जोगिंद्र सिंह, ग्रामीण मंजीत सिंह, पूर्ण चंद, देवेंद्र सिंह, स्वरूप चंद, देवी रूप, कांता देवी, मती देवी और बिट्टू के अनुसार ग्राम सुधार कमेटी कोठी के माध्यम से कई बार मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को ज्ञापन भी सौंप चुके हैं। आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल पाया है।

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