बीबीएन के पांच दवा उद्योगों के उत्पादन पर रोक, लाइसेंस सस्पेंड
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राज्य दवा नियंत्रक प्राधिकरण ने पांच दवा कंपनियों के प्रोडक्ट लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं। अथॉरिटी ने यह कदम दवा कंपनियों द्वारा ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट के प्रावधानों की अनुपालना न करने पर उठाया है।
स्टेट ड्रग कंट्रोलर नवनीत मारवाहा ने प्रदेश की करीब 21 दवा कंपनियों की जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। ड्रग कंट्रोलर की इस कार्रवाई से दवा उद्यमियों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार स्टेट ड्रग्स कंट्रोल अथारिटी ने हिमाचल की पांच ऐसी दवा कंपनियों की यूनिटों पर शिकंजा कसा है जिनमें निर्मित दवाएं और अन्य दवा उत्पाद बार-बार सबस्टैंडर्ड पाई जा रही थी या जिनमें नियमों की अनुपालना नहीं की जा रही थी। अथारिटी ने ऐसे 21 दवा कंपनियों के यूनिटों की सूची तैयार की जिनकी दवाएं बार-बार फेल हो रही थीं।
ऐसे सामने आया पूरा मामला
इसके बाद इन यूनिटों का ड्रग कंट्रोलर के निर्देश पर निरीक्षण किया और जीएमपीए जीएलपी ए शेडयूल एमए एल और यू के प्रावधानों की पड़ताल की। इनमें से 7 कंपनियों ने ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट सहित अन्य संबंधित प्रावधानों के अनुरूप इंतजाम कर लिए लेकिन पांच दवा कंपनियों ने कोई भी पहल नहीं की।
इसके बाद पांच कंपनियों के उत्पादन लाइसेंस सस्पेंड कर दिए। राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मारवाहा ने बताया कि 5 बेलगाम दवा उद्योगों के प्रोडक्ट लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं। दवा उत्पादन रोक दिया गया है। यह कार्रवाई ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट सहित अन्य नियमों की अवहेलना करने पर की गई है।