हिमाचल: कुल्लू में पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग पर रोक हटी, हाईकोर्ट ने सशर्त दी अनुमति
हाईकोर्ट ने पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, स्नो स्कूटर और एटीवी से प्रतिबंध हटाते हुए इन खेलों को सशर्त शुरू करने की अनुमति दी है। हालांकि, ये खेलें वही ऑपरेटर करवा सकेंगे, जो तमाम औपचारिकताएं पूरी कर चुके हैं और पर्यटन विभाग ने जिन संचालकों के नामों की सिफारिश की है।
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हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी मनाली में सैर-सपाटे के लिए पहुंचने वाले पर्यटक अब कुल्लू जिले में चार साहसिक खेलों का लुत्फ ले सकेंगे। हाईकोर्ट ने पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, स्नो स्कूटर और एटीवी से प्रतिबंध हटाते हुए इन खेलों को सशर्त शुरू करने की अनुमति दी है। हालांकि, ये खेलें वही ऑपरेटर करवा सकेंगे, जो तमाम औपचारिकताएं पूरी कर चुके हैं और पर्यटन विभाग ने जिन संचालकों के नामों की सिफारिश की है। हाईकोर्ट के न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश संदीप शर्मा की बेंच ने मंगलवार को यह आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने सरकार को साहसिक खेलों के संचालन के लिए एसओपी बनाने के भी आदेश दिए हैं।
जिले में लगभग 13 प्रकार की साहसिक खेलें करवाई जाती हैं। करीब दो माह से इन खेलों पर प्रतिबंध था। सरकार ने हाईकोर्ट में मामला उठाते हुए औपचारिकताएं पूरी करने वाले ऑपरेटरों को ये गतिविधियां चलाने की अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने चार खेलों के लिए करीब 544 ऑपरेटरों को सशर्त अनुमति दी है। पैराग्लाइडिंग के लिए सोलंगनाला में 87, डोभी में 120, नांगाबाग में 17, गड़सा में 12 ऑपरेटरों को अनुमति दी गई है। रिवर राफ्टिंग के लिए शमशी से झीड़ी रूट पर 91, बबेली से वैष्णो देवी मंदिर तक 120, रायसन से बंदरोल के लिए 34 लोगों को अनुमति दी। सोलंगनाला में 34 ऑपरेटर एटीवी और 29 स्नो स्कूटर चला सकेंगे। अन्य खेलों और औपचारिकताएं पूरी नहीं करने वाले ऑपरेटरों पर प्रतिबंध जारी रहेगा। जिला पर्यटन अधिकारी एवं एसडीएम डॉ. सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि हाईकोर्ट ने 13 साहसिक खेलों में से चार खेलों को चलाने की सशर्त अनुमति दी है।
कांगड़ा में पैराग्लाइडिंग दोबारा शुरू करने को हरी झंडी
जिला कांगड़ा में पैराग्लाइडिंग गतिविधियों दोबारा शुरू करने के लिए प्रशासन ने हरी झंडी दे दी है। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने जारी अधिसूचना में बताया कि हाल ही में पैराग्लाइडिंग करते हुई दुर्घटनाओं का संज्ञान लेते हुए प्रतिबंध लगाया था। जिला पर्यटन विकास अधिकारी और संबंधित एसडीएम को एचपी एयरो स्पोर्ट्स नियम, 2004 के उल्लंघन की जांच करने और पैराग्लाइडिंग के दौरान दुर्घटना से बचाव के लिए सुधारात्मक उपायों को लागू करने के लिए कुछ निर्देश पारित किए थे। उपमंडल मजिस्ट्रेट बैजनाथ और धर्मशाला ने आदेश की अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इसमें शर्तों, अनुशासनहीनता और सुरक्षा उपायों और वैध पायलट और उपकरण लाइसेंसों की जांच के लिए एक तंत्र तैयार किया है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि उपकरणों का निरीक्षण किया है। ऑपरेटरों और पायलटों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।