हिमाचल में नए हैंडपंप लगाने पर रोक, ये है बड़ी वजह
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हिमाचल में अब नए हैंडपंप नहीं लगाए जा सकेंगे। प्रदेश में भूजल स्तर नीचे जाने के कारण केंद्र के निर्देश पर राज्य सरकार ने नए हैंडपंप लगाने पर रोक लगा दी है। सूबे में मानसून के दस्तक देने के बीच केंद्र के निर्देश पर हिमाचल सरकार ने यह फैसला लिया है।
नए हैंडपंप पर रोक के अलावा बेकार एवं बंद पड़े हैंडपंपों का भी सरकार पूरा ब्योरा जुटाएगी। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने मंगलवार को शिमला में पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 40 हजार हैंडपंप लगाए गए हैं। इनमें से कितने काम कर रहे हैं और कितने बेकार पड़े हैं, इस संबंध में सरकार अध्ययन करा रही है। अब सरकार वर्षा जल संग्रहण को बढ़ावा देगी, जिससे पानी की बूंद-बूंद का सदुपयोग किया जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 40 हजार हैंडपंपों में से कितने काम कर रहे हैं और कितने खराब हैं, इसका पता लगाने के लिए सरकार 16 हाइड्रोलाजिस्टों की मदद लेगी। उन्होंने कहा कि कई हैंडपंप कई सालों से काम नहीं कर रहे हैं। ये हैंडपंप किन कारणों से खराब हैं, यह भी पता लगाया जाएगा।
स्कैब रोग पर काबू : महेंद्र
बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा है कि सेब पर लगे स्कैब रोग पर काबू पाया जा चुका है। सरकार ने बागवानी विभाग के अधिकारियों की छुट्टियां तक रद्द कर दी हैं, जिससे सेब को स्कैब की बीमारी से बचाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों शिमला और मंडी के बागवानों ने शिकायत की थी कि सेब की फसल पर स्कैब का हमला हुआ है। इससे फसल के तबाह होने की आशंका बनी हुई है।