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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Ban on hunting: Ibex roaming in residential areas in Lahaul Valley

Himachal Wildlife: शिकार पर रोक, लाहौल घाटी के रिहायशी इलाकों में घूम रहे आईबैक्स

Wed, 03 Apr 2024 10:44 AM IST
Krishan Singh दिनेश जस्पा, संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग (लाहौल- स्पीति)
दिनेश जस्पा, संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग (लाहौल- स्पीति) Published by: Krishan Singh Updated Wed, 03 Apr 2024 10:44 AM IST
सार

 लाहौल घाटी में बर्फ न पिघलने से पहाड़ियों में वास करने वाले आईबैक्स (टंगरोल) निडर होकर रिहायशी इलाकों का रुख रहे हैं।

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Ban on hunting: Ibex roaming in residential areas in Lahaul Valley
लाहौल घाटी के रिहायशी इलाकों में घूम रहे आईबैक्स - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी में बर्फ न पिघलने से पहाड़ियों में वास करने वाले आईबैक्स (टंगरोल) निडर होकर रिहायशी इलाकों का रुख रहे हैं।  इन दिनों आईबैक्स को झुंडों में पानी की तलाश में रिहायशी इलाकों में आते हुए देखा जा रहा है। घाटी की महिलाएं मंडल वन कटान और वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए कड़ी निगाह रखती हैं। लाहौल वन मंडल में लगभग डेढ़ दशक से शिकार का एक भी मामला सामने नहीं आया है। घाटी में वन्य प्राणियों के शिकार पर प्रतिबंध है। इसी वजह से ये जानवर निडर होकर घूम रहे हैं। 

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आईबैक्स लाहौल में 10,000 हजार फुट से अधिक ऊंचाई पर पाए जाते हैं। हाल ही में जिस्पा के समीप लोगों ने आईबैक्स के झुंड को सड़क के साथ लगते रिहायशी क्षेत्र के आसपास विचरते हुए देखा। ऐसे में लोग मोबाइल कैमरे में आईबैक्स की तस्वीरें कैद कर रहे हैं। देश-विदेश के पर्यटक दुर्लभ प्रजाति के इन वन्य प्राणियों को देखने के लिए स्पीति का रुख करते हैं। अब अटल टनल रोहतांग बन जाने के बाद लाहौल आने वाले पर्यटक इसे करीब से निहार रहे हैं। बर्फ पिघलने पर आईबैक्स ऊंचाई वाले क्षेत्रों का रुख करेंगे। 

साइबेरियन आईबैक्स की मानी जाती है उप प्रजाति
वन विभाग के वन रक्षक एवं वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर शिव कुमार बताते हैं कि हिमालयन आईबैक्स ( टंगरोल) को साइबेरियन आईबैक्स की उप प्रजाति मानी जाती है। यहां वाइल्ड लाइफ टूरिज्म तेजी से विकसित होने की उम्मीद है। लाहौल में आईबैक्स के साथ दुर्लभ प्रजाति के बर्फानी तेंदुए को भी देखा जा सकता है। पिछले करीब एक दशक के भीतर किब्बर वाइल्ड सेंक्चुरी में आईबैक्स की संख्या करीब दोगुना से अधिक बढ़ गई है।  

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लाहौल में वन्य प्राणियों से कोई छेड़छाड़ नहीं करता है। इसी वजह से आईबैक्स (टंगरोल) निडर होकर रिहायशी क्षेत्रों में नजर आ रहे हैं। वन विभाग की टीम भी निरंतर गश्त कर रही है। -भूपेंद्र पाल, वन परिक्षेत्र अधिकारी, पट्टन   
 
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