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HP High Court: भानुपल्ली-बैरी रेल लाइन भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पर रोक, केंद्र सरकार से जवाब तलब
Thu, 06 Jul 2023 11:08 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 06 Jul 2023 11:08 AM IST
सार
प्रदेश हाईकोर्ट ने भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई को अंतिम रूप देने पर रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य सरकार के अलावा केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाबतलब मांगा है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई को अंतिम रूप देने पर रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य सरकार के अलावा केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाबतलब मांगा है। इस मामले की सुनवाई 18 जुलाई को होगी। याचिकाकर्ता विक्रम सिंह ने भूमि अधिग्रहण कार्रवाई में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिग्रहण (पुनर्वास और पुनर्स्थापन) अधिनियम, 2013 के प्रावधानों को उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने अदालत को बताया कि भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के बारे में प्रारंभिक अधिसूचना 19 फरवरी, 2022 को जारी की थी।
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इसके अलावा पुनर्वास और पुनर्स्थापन करने की घोषणा और सारांश का प्रकाशन के बारे में अधिसूचना 1 मार्च, 2023 को जारी की गई। उनका आरोप है कि प्रारंभिक अधिसूचना के एक वर्ष के भीतर पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए अधिसूचना जारी करना निर्धारित है। उनका कहना है कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के प्रावधान 19 (7) के तहत पुनर्वास और पुनर्स्थापन की अधिसूचना एक वर्ष के भीतर जारी करने का प्रावधान है। अन्यथा भूमि अधिग्रहण की सारी कार्यवाही निष्क्रिय मानी जाएगी। अदालत को बताया कि जमीन अधिग्रहण के कारण कई लोग भूमिहीन हो गए हैं।
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अधिकांश लोग अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय से हैं। उनके पास आय का कोई अन्य स्रोत नहीं है। उनकी पूरी आजीविका कृषि पर निर्भर थी। अब जमीन अधिग्रहण के कारण उनकी कृषि भूमि छीन ली जाएगी और उनकी उनकी सामाजिक स्थिति पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। याचिकाकर्ता ने रेलवे स्टेशन को स्थानांतरित करने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि जो रेलवे अधिकारी भूमि अधिग्रहण से जुड़े हैं और वे इस काम को चंडीगढ़ से देख रहे हैं, जबकि 95 प्रतिशत परियोजना हिमाचल में है। हिमाचल में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें एक साधारण समस्या के लिए लगभग 115 किमी की दौड़ लगानी पड़ती है। उनका आरोप है कि ऐसे में भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही अधिनियम के तहत की जानी चाहिए थी।
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साल के अंत तक 20 किलोमीटर का ट्रैक होगा तैयार
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी लेह रेल लाइन का धरोट तक 20 किलोमीटर का ट्रैक इस साल के अंत तक तैयार हो जाएगा। बिलासपुर तक 52 और बैरी तक के 63.1 किलोमीटर के ट्रैक को 10-10 किलोमीटर के पैच में बनाया जाएगा। बिलासपुर तक की 16 में से आठ टनलों में गिट्टी रहित ट्रैक बिछाने के लिए स्लैब तैयार किए जा रहे हैं। इन्हीं स्लैब पर ट्रैक बिछेगा। बिलासपुर तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2025 रखा है।