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डेढ़ साल बाद हुआ इनकी जिंदगी में उजाला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 09 Oct 2014 10:26 PM IST
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कांगड़ा जिले का अति दुर्गम स्थान बड़ा भंगाल डेढ़ साल बाद रोशन हो पाया है। 40 किलोवाट की पनबिजली परियोजना बनाने को हेलीकाप्टर से उपकरण पहुंचाने पड़े। इसके बाद बिजली आपूर्ति को सामान्य किया गया।
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500 की आबादी को डेढ़ साल तक लैंप के सहारे रातें गुजरानी पड़ीं। मार्च 2013 में ही सूक्ष्म जल विद्युत परियोजना के जनरेटर में आई खराब के प्रोजेक्ट बंद हो गया था।
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तब से लेकर चार अक्तूबर तक क्षेत्र के लोगों को अंधेरे में जीवन यापन करने को मजबूर होना पड़ रहा था। बिजली आपूर्ति न होने के कारण इस क्षेत्र के लोग संचार व्यवस्था से पूरे देश और दुनिया से कट गए थे।
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इस कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी। लैंप के सहारे डेढ़ साल से अधिक समय तक लोगों ने अपनी रात गुजारी। हिम ऊर्जा प्रबंधन के अनुरोध पर सरकार ने हेलीकाप्टर से चार अक्तूबर 2014 को जनरेटर ठीक कराने के उपकरण बड़ा भंगाल भेजा।
इसके बाद आपूर्ति बहाल की गई। दूसरी ओर, हिम ऊर्जा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भानू प्रताप सिंह ने बताया कि अब बड़ा भंगाल में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। इससे ग्रामीणों की परेशानी दूर हो गई है। दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण उक्त प्रोजेक्ट को ठीक करने में समय लगा।