फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   baba neem karoli shimla sankat mochan temple hanuman ansh film

हनुमान अंश: फिल्म के बाद चर्चा में आया शिमला का संकट मोचन मंदिर, यहीं कुटिया बनाकर रहे थे बाबा नीम करौली

Mon, 07 Sep 2026 06:00 AM IST
Ankesh Dogra भारती शर्मा, शिमला।
भारती शर्मा, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Mon, 07 Sep 2026 06:00 AM IST
सार

Hanuman Ansh: हनुमान अंश फिल्म की चर्चा के बीच शिमला के संकट मोचन मंदिर से जुड़ी बाबा नीम करौली महाराज की अनसुनी कहानी सामने आई है। मान्यता है कि बाबा ने मंदिर स्थल पर कुटिया बनाकर कुछ समय बिताया और यहां आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति की थी। उनकी प्रेरणा से 1962 में मंदिर निर्माण शुरू हुआ और 1966 में मूर्ति प्रतिष्ठा हुई।

विज्ञापन
baba neem karoli shimla sankat mochan temple hanuman ansh film
बाबा नीम करौली और शिमला का क्नेक्शन। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

बाबा नीम करौली महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' की देशभर में चर्चा के बीच शिमला का संकट मोचन मंदिर एक बार फिर लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। चीड़ के घने जंगलों के बीच कच्ची घाटी की तलहटी में करीब 1850 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि बाबा नीम करौली महाराज की आध्यात्मिक साधना से जुड़ी एक ऐसी कहानी भी अपने भीतर समेटे है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।

विज्ञापन




शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित इस स्थान पर 1960 के दशक के शुरुआती वर्षों में बाबा नीम करौली महाराज पहुंचे थे। बताया जाता है कि उन्होंने यहां चीड़ के जंगलों के बीच कुछ समय बिताया और जिस स्थान पर आज भव्य संकट मोचन मंदिर खड़ा है, वहीं अपनी छोटी-सी कुटिया बनाई थी। इसी दौरान बाबा ने इस भूमि में आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति की।
विज्ञापन


बाबा नीम करौली महाराज भगवान हनुमान के अनन्य भक्त थे। स्थानीय मान्यता के अनुसार, इसी आध्यात्मिक अनुभूति के बाद उनके मन में इस पवित्र स्थान पर भगवान हनुमान का मंदिर स्थापित करने का विचार आया। आगे चलकर उनकी इसी प्रेरणा ने संकट मोचन मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


आज यह स्थान शिमला आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। मंदिर परिसर में संकट मोचन हनुमान के अलावा भगवान श्रीराम, माता सीता, भगवान लक्ष्मण, भगवान शिव और भगवान गणेश के मंदिर भी हैं। बाबा नीम करौली महाराज को समर्पित मंदिर भी परिसर में बनाया गया है।

फिल्म के बाद बढ़ी बाबा से जुड़े स्थानों को जानने की उत्सुकता
बाबा नीम करौली के जीवन पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ के चर्चित होने के बाद उनके जीवन और उनसे जुड़े स्थानों को जानने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। इसी कड़ी में शिमला का संकट मोचन मंदिर भी चर्चा में आया है। मंदिर से जुड़ी मान्यता इसे बाबा नीम करौली की आध्यात्मिक यात्रा से सीधे जोड़ती है। यही वजह है कि यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का धार्मिक महत्व तो है ही, इसके साथ बाबा से जुड़ी स्मृतियां भी इसे खास बनाती हैं।



1962 में शुरू हुआ मंदिर निर्माण, चार साल बाद हुई प्राण प्रतिष्ठा
बाबा नीम करौली महाराज की प्रेरणा से हिमाचल प्रदेश के तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर दिवंगत बजरंग बहादुर सिंह भद्री ने वर्ष 1962 में यहां मंदिर निर्माण का कार्य शुरू करवाया था। शुरुआत में यहां छोटा-सा हनुमान मंदिर बनाया गया। इसके बाद 21 जून 1966 को विधिवत मूर्ति प्रतिष्ठा का कार्य संपन्न हुआ। समय के साथ मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था बढ़ती गई और जनसहयोग से छोटा-सा मंदिर धीरे-धीरे विशाल धार्मिक परिसर में विकसित हो गया। आज वर्षभर यहां श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। शिमला की प्राकृतिक सुंदरता और चीड़ के जंगलों के बीच स्थित यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ शांत आध्यात्मिक वातावरण के लिए भी जाना जाता है।



'संकट मोचन' में छिपी है बाबा नीम करौली की कहानी
संकट मोचन मंदिर न्यास के प्रबंधक अनुप चौहान के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में संकट मोचन ऐसी खास जगह है जहां बाबा नीम करौली कुछ समय के लिए कुटिया बनाकर रहे थे। उनका कहना है कि लंबे समय तक बहुत से लोगों को इस तथ्य की जानकारी नहीं थी, लेकिन फिल्म ‘हनुमान अंश’ के बाद बाबा से जुड़ी इस कहानी के प्रति लोगों की उत्सुकता बढ़ी है। उनके अनुसार, संकट मोचन मंदिर को केवल एक मंदिर के रूप में देखना इसके इतिहास को सीमित कर देना होगा। यह स्थान बाबा नीम करौली की आध्यात्मिक साधना, हनुमान भक्ति और शिमला के शांत पहाड़ी वातावरण का अनूठा संगम है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed