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कहीं प्रधान ने बैंक से गैरकानूनी ढंग से लाखों निकाले तो कहीं मजदूरों के भुगतान में गड़बड़ी
Fri, 27 Sep 2019 01:45 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 27 Sep 2019 01:45 PM IST
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कहीं ग्राम पंचायत प्रधान ने बैंक से लाखों की गैर कानूनी तरीके से निकासी कर दी तो कहीं दस्तावेजों को पूरा किए बगैर ही लाखों रुपये की खरीद कर ली। यह खुलासा सोलन, हमीरपुर, शिमला और ऊना की चार ग्राम पंचायतों के ऑडिट से सामने आया है।
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हमीरपुर के विकास खंड नादौन की ग्राम पंचायत जलाड़ी में पंचायत प्रधान और सचिव ने विभिन्न फर्मों और मजदूरों का भुगतान करने के लिए अपने नाम से चेक से पैसे निकाले और फिर आगे दिए। ऐसा करना हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज (वित्त बजट लेखे संकर्म कराधान व भत्ते) नियम 2002 के अनुसार अनुचित है। एक हजार से अधिक रकम का भुगतान मजदूर या फर्म के नाम से बने चेक से ही किया जाना चाहिए।
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जिला शिमला के विकास खंड कुपवी की ग्राम पंचायत कंडा बनाह में औपचारिकताओं को पूरा किए बिना ही 20.61 लाख की खरीद कर दी गई। इस राशि से स्टॉक और स्टोर के लिए खरीदारी की गई। यह खरीद सरिया, पत्थर, बजरी, रेत आदि की हुई।
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इसी पंचायत में 95.94 लाख रुपये के निर्माण कार्यों का तकनीकी मूल्यांकन नहीं किया गया। जिला ऊना के विकास खंड हरोली की ग्राम पंचायत सलोह में 2,36,942 रुपये की निर्माण सामग्री खरीदी गई। इस सामग्री की खरीद को उचित बिल पेश नहीं किए गए। कोरे कागज पर बिल बनाकर ही यह भुगतान किया गया।