अटल टनल रोहतांग: आपदा में लोगों को सुरक्षित बाहर लाएगी एस्केप सुरंग
विश्व की सबसे लंबी अटल टनल रोहतांग में आपदा की सूरत में एस्केप टनल फंसे हुए लोगों को बाहर निकालेगी। इसे वैकल्पिक तौर पर बनाया गया है। जिसका एक छोर नॉर्थ जबकि दूसरा साउथ पोर्टल में खुलता है। एस्केप टनल में बाकायदा आपात इग्रेस डोर के नीचे दोनों छोरों की दूरी दर्शाने वाले बोर्ड लगाए गए हैं।
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समुद्र तल से 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बनी विश्व की सबसे लंबी अटल टनल रोहतांग में आपदा की सूरत में एस्केप टनल फंसे हुए लोगों को बाहर निकालेगी। इसे वैकल्पिक तौर पर बनाया गया है। जिसका एक छोर नॉर्थ जबकि दूसरा साउथ पोर्टल में खुलता है। एस्केप टनल में बाकायदा आपात इग्रेस डोर के नीचे दोनों छोरों की दूरी दर्शाने वाले बोर्ड लगाए गए हैं। 9.2 किलोमीटर लंबी डबल लेन वाली टनल में से होकर गुजरने वालों के लिए कई सुविधाएं हैं। इनमें आपदा से बचाव का भी मैकेनिज्म मौजूद है। उपायुक्त लाहौल-स्पीति नीरज कुमार ने बुधवार को टनल के भीतर के सुरक्षा और दोनों छोरों को जोड़ने वाली सड़क और वाहन चालकों को विशेषकर बर्फबारी के बाद ग्लेशियर खिसकने से होने वाले नुकसान से बचने के उपायों को लेकर बीआरओ के अधिकारियों से बैठक की। इस पर बीआओ के मुख्य अभियंता वीके सिंह ने बताया कि अटल टनल रोहतांग और इसके मुहाने तक जाने वाली सड़क पूरी तरह से सुरक्षित है।
बीआरओ नई योजनाओं पर कर रहा काम
बीआरओ कुछ अन्य योजनाओं पर भी काम कर रहा है, जो आने वाले समय में टनल को नए आयाम देगा। लेफ्टिनेंट कर्नल सनी ने बताया कि टनल के भीतर हर 150 मीटर के फासले पर स्वत: खुलने वाले आपात इग्रेस डोर स्थापित किए गए हैं। कोई भी व्यक्ति इसका दरवाजा खोल कर कंट्रोल रूम तक अपनी बात पहुंचा सकता है। इस व्यवस्था में फोन और वन टच पैनिक बटन से सीधे कंट्रोल रूम बात होती है। इसी के आधार पर पेट्रोलिंग टीम उनकी मदद करेगी। मुख्य टनल में आपदा के दौरान अग्निशमन के लिए भी बेहतरीन सुविधा जोड़ी गई है। सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित हैं। जगह-जगह पर गति सीमा दर्शाने वाले डिजिटल बोर्ड वाहन चालकों को स्पीड नियंत्रित रखने की चेतावनी देते हैं।