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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Atal Tunnel Rohatng, hops cultivation in Lahaul himachal pradesh

लाहौल में हाप्स की खेती को अटल टनल से मिलेगी आक्सीजन

Mon, 05 Oct 2020 10:40 AM IST
अरविन्द ठाकुर विपिन काला, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
विपिन काला, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 05 Oct 2020 10:40 AM IST
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Atal Tunnel Rohatng, hops cultivation in Lahaul himachal pradesh
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल के जनजातीय क्षेत्र लाहौल में हाप्स की खेती को अटल टनल से आक्सीजन मिल जाएगी। क्षेत्र के किसान दशकों तक हाप्स की खेती करके अतिरिक्त आय जुटाते रहे हैं लेकिन, वर्तमान में यह खेती पूरी तरह से चौपट हो गई है। आज भी देश के विभिन्न राज्यों से लाहौल की हाप्स की मांग आती है लेकिन, किसान इसे पूरा नहीं कर पाते। बाकायदा लाहौल हाप्स सोसायटी भी बनाई गई थी। आज यह भी कागजों में सीमित है।

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लाहौल की हाप्स का देश में बीयर उत्पादन में उपयोग किया जाता रहा है। सोलन की बीयर उत्पादक कंपनी की सबसे ज्यादा मांग रहती थी। विदेश से आयात गुणवत्ता वाली सस्ती हाप्स से लाहौल में विकट भौगोलिक परिस्थितियों में तैयार हाप्स की खेती हाशिए पर चली गई। कभी हाप्स की खेती से लाहौल के करीब 1500 किसान जुड़े थे। आज ये सभी आलू और मटर की खेती करने को मजबूर हैं। 
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विदेश से आयात हाप्स की पड़ी मार
हाप्स अगस्त-सितंबर में तैयार होती थी। कई बार पहले बर्फबारी पड़ने से फसल तबाह हो जाती थी। वर्ष 1994-95 तक हाप्स की फसल ली जाती रही। उस समय यह 50 से 70 रुपये किलो बिकती थी। विदेशी हाप्स पर आयात शुल्क कम होने के कारण चीन, जर्मनी आदि से सस्ती अच्छी किस्म की हाप्स खरीदी जाने लगी।     
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हाप्स की जगह आलू-मटर ही कर रहे तैयार 
पूर्व विधायक रवि ठाकुर कहते हैं कि हाप्स की फसल लाहौल के किसानों की अतिरिक्त आय का साधन रही है। आज हाप्स की खेती तबाह हो गई है और किसानों का मोह भंग है। लाहौल के किसान आलू और मटर ही पैदा कर रहे हैं।


विदेशी हाप्स से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाई : सोनम  
बागवानी उपनिदेशक सोनम आंगरूप कहते हैं कि लाहौल में हाप्स की खेती वर्ष 2014-2015 के बाद से हाशिए पर है। विदेशों से आयात हाप्स से लाहौल की हाप्स की मांग घटी। हाप्स विधायन संयंत्र भी थे लेकिन, विदेशी हाप्स से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाई। आज भी देश के विभिन्न राज्यों से लाहौल की हाप्स की मांग की जाती है।

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