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विधानसभा सत्र: अपने ही विधायक के सवाल से घिरे मंत्री महेंद्र सिंह, सदन में गरजे पठानिया

Sat, 14 Mar 2020 09:39 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 14 Mar 2020 09:39 PM IST
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Assembly session: Minister Mahendra Singh surrounded by the question of his own MLA
जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर - फोटो : अमर उजाला

जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर शनिवार को सदन में अपने ही विधायक के सवाल से घिर गए। नूरपुर के भाजपा विधायक सदन में पहले बागवानी क्षेत्र में सरकार के प्रयासों की सराहना कर विपक्ष पर पलटवार करते रहे। फिर अचानक गरजकर उन्होंने मंत्री महेंद्र सिंह से पूछा कि उनके हलके को शिवा प्रोजेक्ट से छुआ तक नहीं गया, जबकि नींबू प्रजाति के फलों की उनके यहां अच्छी बागवानी होती है। बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने शांत होकर पठानिया के सवाल का जवाब दिया कि उनका क्षेत्र विश्व बैंक से वित्तपोषित बागवानी परियोजना में लाया जा रहा है। महेंद्र सिंह ने 1134 करोड़ रुपये की बागवानी परियोजना का ढाई साल में महज 22.57 करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार 31 मार्च तक 150 से 160 क रोड़ रुपये खर्च करेगी। 

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नादौन से कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस संबंध में पहला सवाल लगाया था तो इस पर राकेश पठानिया ने अनुपूरक सवाल किया। सुक्खू ने विदेशी फंडिंग से चलाई जा रही योजनाओं का ब्योरा मांगा। नई परियोजनाओं को लाने के लिए उठाए जा रहे पग की भी जानकारी मांगी तो इस पर मंत्री महेंद्र सिंह ने विस्तृत जवाब देते हुए कहा कि वर्तमान में उद्यान विभाग की ओर से विदेशी फंडिंग से दो परियोजनाएं चलाई जा रही हैं।इनमें उपोष्णकटिबंधीय बागवानी, सिंचाई एवं मूल्य संवर्द्धन परियोजना (एचपी शिवा) एशियन विकास बैंक से वित्तपोषित है, जबकि बागवानी विकास परियोजना विश्व बैंक से वित्तपोषित है। एशियन विकास बैंक मिशन ने 1688 करोड़ रुपये की हिमाचल प्रदेश उपोष्णकटिबंधीय बागवानी सिंचाई एवं मूल्य परिवर्द्धित परियोजना और 4751 करोड़ रुपये की मूल्य परिवर्द्धित योजना को कार्यान्वित करने का बीड़ा उठाया है।
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उद्यान और सिंचाई विभाग की कार्यक्षमताओं को मिलाकर इन्हें पांच साल में कार्यान्वित किया जाएगा। इसके तहत चार फलों-अमरूद, लीची, नींबू प्रजातीय और अनार की 17 योजनाओं के पायलट परीक्षण के लिए एडीबी मिशन ने 10 मिलियन डॉलर यानी करीब 70 करोड़ रुपये की सांकेतिक पीआरएफ वित्तपोषण योजना को अंतिम रूप दिया है। इसमें चार जिलों के 10 विकास खंडों में 170 हेक्टेयर क्षेत्र के 480 किसानों का चयन बागवानी और सिंचाई विभाग की ओर से संयुक्त रूप दिया गया है। पीआरएफ के तहत जून जुलाई 2020 में फल पौधरोपण किया जाएगा। शिवा परियोजना सात जिलों के 28 विकास खंडों के लिए कार्यान्वित की जा रही है। 
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अपने हिसाब से आता है विदेशी वित्तपोषित परियोजनाओें का पैसा 
सुक्खू ने जब पूछा कि कितना पैसा अभी तक आया है तो इस पर मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर बोले- पैसे पर आता हूं। विदेशी वित्तपोषण वाली इन परियोजनाओं का बजट अपने हिसाब से आता है। इनके अपने कायदे होते हैं। जेब से निकालकर पैसे थोड़े नहीं दूंगा। माकपा विधायक राकेश सिंघा ने जब पूछा कि विदेशी से जो पौध आ रही है, उसकी ठीक से जांच हो रही है कि नहीं। इसी सवाल पर आधा घंटा लग जाने की बात कर जब स्पीकर विपिन सिंह परमार ने टोका तो मंत्री ने आश्वस्त किया कि वह इस बारे में बाद में जवाब देंगे। 

कांग्रेस में रहते मुझे जलील किया गया: महेंद्र सिंह

राज्य के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने सदन में कहा कि पूर्व में जब वह कांग्रेस के विधायकथे तो उन्हें उनकी ही सरकार ने खूब जलील किया। विपक्ष के सदस्य जगत सिंह नेगी ने कहा कि सत्ता में कुछ सदस्य कांग्रेस में थे। इस पर महेंद्र सिंह के नाम का जिक्र भी किया गया तो जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह के पुराने जख्म हरे हो गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस खत्म हो रही है। दिल्ली चुनाव में कांग्रेस को चार फीसदी वोट मिले हैं।  

मंत्री महेंद्र सिंह ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि सत्ता पर का सदस्य होने के बाद भी उनके धर्मपुर में मंच से धक्का देकर नीचे उतारा गया। उनको तीन पुलिस की गाड़ी खड़ी ती उसमें डाला गया और सीधे सरकाघाट से 15 किलोमीटर दूर जोगिंद्रनगर ले जाया गया। रात करीब एक बजे डीएसपी ने कहा कि आपकी जमानत हो गई है। आधे घंटे के बाद डीएसपी और वाहन चालक ने कहा जब तक सीएम धर्मपुर में है, आपको धर्मपुर से बाहर रखने को कहा है। मुझे तीन जेलों में डालकर रखा गया। जब वे कांग्रेस में थे तो उन्हें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बोलने नहीं दिया। ऐसी पार्टी में रह कर वे जलालत सहन नहीं कर सकते थे। 

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