जनता के हीरो बने एएसपी गौरव सिंह के तबादले को हाईकोर्ट में चुनौती
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हिमाचल में दून के विधायक की पत्नी के टिप्पर का चालान काटने के बाद एएसपी गौरव सिंह का तबादला कर दिया गया। अब इस तबादले को आरटीआई व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए जनहित याचिका दायर की है।
दलील दी है कि जब अवैध खनन कार्य में एक राजनेता व उनकी पारिवारिक कंपनी को संलिप्त पाया गया तो सत्ता का गलत प्रयोग करके एएसपी को दूसरे जिले में स्थानांतरित कर दिया गया जो सही नहीं है। एएसपी का तबादला इन दिनों खूब चर्चा में है। लोग इसका विरोध कर रहे हैं।
याचिकाकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट राजीव कुमार कौंडल व आरटीआई यूनियन महासचिव पवन ठाकुर ने बताया कि 8 अगस्त को याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई होगी।
एडवोकेट राजेश परमार ने बताया कि अभी याचिका दायर की गई है। बुधवार को इसे लेकर सुनवाई होगी। कोर्ट को लगता है कि यह जनहित याचिका है तो इसको स्वीकार किया जाएगा। एडवोकेट और याचिकाकर्ता ने कहा कि मीडिया में ट्रांसफर की खबर पढ़ने के बाद कुछ युवाओं ने मिलकर 8 घंटे तक केस स्टडी किया और 32 पेज की याचिका तैयार की है।
गौरव सिंह ने किए इतने काम जो पहले नहीं हुए
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि एएसपी गौरव ने सात महीने में 170 मामलों में 25 लाख का जुर्माना किया। इतना पहले कभी नहीं हुआ। इस ईमानदार अधिकारी ने अपने लिए काम न करते हुए देश व समाज को अपराधमुक्त व नशामुक्त करने के लिए दिन रात काम किया।
आरटीआई कार्यकर्ता संघ के प्रेम सिंह टंगनिया, पवन ठाकुर, सुभाष जडेजा, अरुण शर्मा, रेणु कपूर, चमन आजटा, मनु ठाकुर, अमित शर्मा आदि ने भी प्रदेश सरकार के इस रवैये पर चिंता जताई है।