Sirmour News: आसन बैराज विदेशी परिंदों की चहचहाहट से गुलजार, पक्षी प्रेमियों के लिए बने आकर्षण का केंद्र
आसन बैराज विदेशी परिंदों की चहचहाहट से गुलजार हो गया है। यहां पक्षी प्रेमियों के लिए साईबेरियन समेत देश-विदेश से पहुंचे परिंदे आकर्षण का केंद्र बने हैं।
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हिमाचल-उत्तराखंड की सीमा पर स्थित आसन बैराज विदेशी परिंदों की चहचहाहट से गुलजार हो गया है। यहां पक्षी प्रेमियों के लिए साईबेरियन समेत देश-विदेश से पहुंचे परिंदे आकर्षण का केंद्र बने हैं।
अब तक आसन बैराज में 3,800 जल पक्षी देश और विदेशी से पहुंच चुके हैं। दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक ये संख्या डेढ़ से दोगुनी होने की संभावना है। इस साल नवंबर के पहले सप्ताह में पिछले साल के मुकाबले 1,000 से अधिक पक्षी पहुंच चुके हैं। आसन बैराज के अधिकारियों की मानें तो ठंड बढ़ने पर पक्षियों की संख्या में और इजाफा होगा। उत्तराखंड और हिमाचल के पक्षी प्रेमियों बाला शर्मा, प्रदीप चौहान, सीमा ठाकुर, प्रद्युमन सिंह, तब्बसुम, दिनेश शर्मा, भरत ठाकुर, सुरेंद्र शर्मा, रुखसाना प्रवीन, हरविंद्र कौर, रविता चौहान और अनिल भट्ट का कहना है कि आसन वेटलैंड में हर वर्ष दर्जनों प्रजातियों के विदेशी परिंदे पहुंचते हैं।
नवंबर के पहले सप्ताह से ही आसन वेटलैंड बैराज पर देश-विदेश से जल पक्षियों का आगमन शुरू हो जाता है। वे मार्च तक यहीं पर डेरा जमा कर रखेंगे। गर्मियों के शुरू होते ही विदेशी मेहमान अपने देशों को लौटना शुुरू होंगे।आरओ आसन बैराज डीआर कुकरेती ने कहा कि देश-विदेश की करीब 52 प्रजातियों का सर्दियों में आसन बैराज पसंदीदा स्थल है। 6 नवंबर तक आधा दर्जन से अधिक प्रजातियों के करीब 3800 जल पक्षी पहुंचे हैं। दिसंबर और जनवरी तक इनकी संख्या यहां 7,000 तक पहुंचने की उम्मीद है। हिमाचल-उत्तराखंड की सीमा पर स्थित आसन बैराज पर्यटन केंद्र में मोटर बोट बंद की गई है। सामान्य नौकायान के लिए अलग किनारे पर झील स्थल चििह्नत किया है ताकि कोई खलल नहीं पड़े।
पिछले साल पहुंचे थे 2750 पक्षी
2022 में नवंबर के पहले सप्ताह तक 2750 जल पक्षी पहुंचे थे। इस वर्ष पहले सप्ताह में ही आसन बैराज में 3800 रंग-बिरंगे मेहमान पहुंच चुके हैं, जो झील की सुंदरता में चार चांद लगा रहे हैं। यहां इन पक्षियों का कलरव, आकाश में उड़कर झील में लौटना पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
इन पक्षियों का पसंदीदा स्थल बन रहा बैराज
आसन बैराज पहुंचने वाले पक्षियों में सुर्खाव, पर्पल स्वेन हेन, कॉमनमोर हेन, इरोएशियन विजन, मेलार्ड, स्पोर्ट बिल्ड डक, कामन पोचार्ड, टपटेड डक, सरफैंट, ब्राह्मिनी काईट, मारटीन, क्वाइलो, मिनी वैट, रिंग फ्लोवर रेड स्टार्ट, ग्रेट किंग फिशर, ग्रेलैग, रुपश ट्रीपाई, वारेवेट, वीईटर, प्रीनियां, वैक्टेल पेंटेल, सेरी जूनस पोचार्ड, परपल स्वैन हन, मार्क हैनियर व बूटेड ईगल प्रजातियों के लिए ये पसंदीदा स्थल बन रहा है।