{"_id":"65f14829227a9eaba8033bbd","slug":"artifical-intelligence-technology-will-give-information-about-earthquake-in-advance-will-be-used-in-secretari-2024-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पहले ही दे देगी भूकंप की जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पहले ही दे देगी भूकंप की जानकारी
Wed, 13 Mar 2024 12:01 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 13 Mar 2024 12:01 PM IST
सार
एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) मॉडल पर आधारित प्रणाली भूकंप की पहले ही निवासियों को चेतावनी देगी और आधारभूत ढांचे की निगरानी करेगी।
विज्ञापन
भूकंप
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भूकंप की चेतावनी देने के लिए नई तकनीक ईजाद की गई है। एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) मॉडल पर आधारित प्रणाली भूकंप की पहले ही निवासियों को चेतावनी देगी और आधारभूत ढांचे की निगरानी करेगी। आवासीय क्षेत्रों में 10-12 घरों के लिए एक सिस्टम लगाया जा सकता है। अरहास कंपनी ने यह तकनीक बनाई है। एआई से लैस भूकंप जोखिम प्रबंधन प्रणाली के दो प्रमुख तत्व हैं। इसमें एकीकृत ढंग से आधारभूत ढांचे की निगरानी एसएचएम (स्ट्क्चर हेल्थ मॉनिटरिंग) और भूकंप की जल्दी चेतावनी ईईडब्ल्यू (ईअरली अर्थक्यूक वार्निंग) शामिल हैं।
विज्ञापन
एसएचएम सिस्टम सातों दिन 24 घंटे आधारभूत ढांचे की निगरानी सुनिश्चित करते हैं। 60 सेकेंड में आकलन रिपोर्ट तैयार करती है और समय रहते उसे दिखाती है। इसके साथ ही ईईडब्ल्यू सिस्टम भूकंप के पहले और बाद में आने वाले झटकों की 60 सेकेंड में जानकारी के लिए एआई को तैनात करता है। भूकंप के बाद आकलन और मूल्यांकन रिपोर्ट भी यह सिस्टम बनाता है। अराहास के एआई डेवलपर ओरोबिंद उपाध्याय ने बताया कि जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के कई राज्यों के व्यावसायिक कांप्लेक्स में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। हिमाचल सरकार से भी तकनीक का उपयोग शिमला के सचिवालय और नए बस अड्डे में करने के लिए बात की जा रही है।
विज्ञापन