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हिमाचल: विभागीय लापरवाही से एरियर से वंचित रह गए कर्मचारी
Mon, 03 Oct 2022 06:08 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 03 Oct 2022 06:08 PM IST
सार
राज्य में एक अक्तूबर को मिले सितंबर के वेतन में हजारों कर्मचारी एरियर की पहली किस्त से वंचित रह गए। इसका कारण ठीक से बिलों को तैयार नहीं करना रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों को विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की वजह से नए वेतनमान का एरियर नहीं मिल पाया है। राज्य में एक अक्तूबर को मिले सितंबर के वेतन में हजारों कर्मचारी एरियर की पहली किस्त से वंचित रह गए। इसका कारण ठीक से बिलों को तैयार नहीं करना रहा है। कई विभागीय कार्यालयों में तो स्टाफ की कमी होने की बात कर बिलों को तैयार ही नहीं किया गया।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कर्मचारियों के लिए एरियर के रूप में पहली किस्त देने के तौर पर 1,000 करोड़ रुपये का बंटवारा करने के आदेश दिए थे। एरियर सहित कई अन्य नई देनदारियों को चुकाने के लिए हाल ही में 2,500 करोड़ रुपये का कर्ज भी लिया गया है। पर धरातल पर सच्चाई यह है कि राज्य में सब कर्मचारियों को यह एरियर नहीं दिया जा सका है, जबकि वित्त विभाग की ओर से बजट जारी कर दिया गया था।
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ग्रुप-ए सी तक के अधिकारियों और कर्मचारियों को 50-50 हजार और ग्रुप डी के कर्मचारियों को 60-60 हजार रुपये का वितरण किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार सरकारी विभागों के संवितरण एवं आहरण अधिकारियों की ओर से प्रदेश सरकार के कोष विभाग को जो बिल भेजे गए, उनमें से कई नियमानुसार नहीं बनाए गए। इनमें पे-मैट्रिक्स और अन्य गणनाओं का ध्यान नहीं रखा गया। राज्य सरकार के कोष विभाग ने इन पर आपत्तियां लगाईं।
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इसके अलावा कई विभागीय कार्यालयों में तो संबंधित बिलों को ही तैयार नहीं किया जा सका। इसके लिए स्टाफ की कमी या मौजूदा स्टाफ के पास काम ज्यादा होना बताया जा रहा है। इससे कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी एरियर मिलने की राह ताकते रह गए, जो उन्हें नहीं मिल पाया। वहीं, राज्य सरकार के वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एरियर की पहली किस्त के लिए बजट की कमी नहीं है। इससे संबंधित औपचारिकता विभागों को ही पूरी करनी है।