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सेना ने शहीद बृजेश को दिया शौर्य चक्र, हिमाचल सरकार के वायदे अधूरे

Sat, 17 Aug 2019 12:07 PM IST
Krishan Singh जीएस जस्सल, अमर उजाला, बंगाणा (ऊना)
जीएस जस्सल, अमर उजाला, बंगाणा (ऊना) Published by: Krishan Singh Updated Sat, 17 Aug 2019 12:07 PM IST
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Army gave the Shaurya Chakra, the promises of the Himachal govt  incomplete
- फोटो : अमर उजाला

जम्मू के राजौरी में आतंकियों से लोहा लेते हुए ननांवी गांव के शहीद बृजेश कुमार को सेना ने शौर्य चक्र दिया है। लेकिन, हिमाचल सरकार दस माद बाद भी अपने वायदे को पूरा नहीं कर सकी है।

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सरकार ने बृजेश की शहादत पर उनकी धर्मपत्नी श्वेता देवी को सरकारी नौकरी, 25 लाख और गांव में शहीद के नाम पर प्रवेश द्वार बनाने की घोषणा की थी। अभी तक कुछ नहीं किया गया है। बृजेश की शहादत के दौरान पत्नी श्वेता गर्भवती थीं।
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श्वेता ने कहा कि इस कारण उन्हें सरकारी औपचारिताएं पूरी करने का समय नहीं मिला, लेकिन सरकार और प्रशासन चाहता तो शहीद के घर आकर भी तमाम औपचारिकताएं पूरी की जा सकती थीं। श्वेता के कंधों पर छह साल की बेटी कनिका तथा दो माह की शामली का पालन पोषण का जिम्मा है। 
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श्वेता ने कहा कि पति की कमी तो ताउम्र खलती रहेगी, लेकिन परिवार और क्षेत्र के लोगों को उनकी कुर्बानी हमेशा के लिए यादगार रहेगी। श्वेता ने बताया कि पति को शौर्य चक्कर मिलने की सूचना मीडिया से मिली है।

शहीद के नाम पर बनना था प्रवेश द्वार 

इधर, बृजेश के परिजनों ने बताया कि सरकार की ओर से अभी तक कोई भी सहायता उन्हें नहीं मिली है। न ही शहीद की पत्नी को अभी तक सरकारी नौकरी मिलने की प्रक्रिया आरंभ हो पाई है। अभी तक कागजात पूरे किए जा रहे हैं। बंगाणा के गांव ननांवी के शहीद सैनिक बृजेश को शौर्य चक्कर मिलने की घोषणा से लोगों को गर्व महसूस हो रहा है।

कैप्टन गुरदास राम, ज्योति शर्मा, विजय कुमार, उपप्रधान विधि चंद, रमेश चंद, जगदीश चंद, राज कुमार ने बताया कि गांव के लिए बृजेश प्रवेश द्वार बनाने की घोषणा मंत्री वीरेंद्र कंवर ने की थी लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। शहीद के गांव के लोगों ने गांव के प्रवेश द्वार पर शीघ्र स्मारक बनाने की मांग प्रदेश सरकार से की है।

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