{"_id":"627a0d014428ed683b2f8959","slug":"arbitrary-water-bills-given-to-consumers-in-shimla-city","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिमला: मीटर रीडिंग में गड़बड़ी कर थमा दिए पानी के मनमाने बिल, उपभोक्ता परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिमला: मीटर रीडिंग में गड़बड़ी कर थमा दिए पानी के मनमाने बिल, उपभोक्ता परेशान
Tue, 10 May 2022 12:29 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 10 May 2022 12:29 PM IST
सार
प्रदेश की राजधानी शिमला में कई पेयजल उपभोक्ताओं को कंपनी ने फिर पानी के भारी भरकम बिल थमा दिए हैं। मीटर रीडिंग में की जा रही गड़बड़ी के चलते उपभोक्ताओं को चार गुना तक ज्यादा बिल आए हैं।
विज्ञापन
वाटर मीटर(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में कई पेयजल उपभोक्ताओं को कंपनी ने फिर पानी के भारी भरकम बिल थमा दिए हैं। मीटर रीडिंग में की जा रही गड़बड़ी के चलते उपभोक्ताओं को चार गुना तक ज्यादा बिल आए हैं। शहरवासी परेशान हैं कि हर महीने पेयजल खपत लगभग एक बराबर होने के बावजूद अचानक बिल चार गुना ज्यादा कैसे आ गए। इन बिलों को ठीक करवाने के लिए अब उपभोक्ता कंपनी के चक्कर काट रहे हैं। शहर में कई उपभोक्ताओं के मीटरों से फर्जी रीडिंग लेने का यह खेल चल रहा है।
विज्ञापन
इससे कंपनी की कमाई तो बढ़ रही है लेकिन आम उपभोक्ताओं की जेब ढीली हो रही है। कनलोग के बाद अब न्यू शिमला क्षेत्र से इस तरह की शिकायतें आ रही हैं। न्यू शिमला सेक्टर तीन में रहने वाले चंद्र कुमार को दिसंबर 2021 तक मीटर रीडिंग पर बिल आते रहे। लेकिन इस साल जनवरी से अप्रैल तक हर महीने 415 रुपये मासिक बिल आने लगा। सभी बिलों में पानी की मासिक खपत 20 किलोलीटर दिखाई गई। चंद्र हैरान थे कि हर महीने एक समान बिल कैसे आ सकता है।
विज्ञापन
मई में चार गुना ज्यादा 1609 रुपये का बिल आ गया। इसमें पानी की खपत 43 किलोलीटर बताई गई। अचानक चार गुना ज्यादा बिल आने पर कंपनी के न्यू शिमला कार्यालय में शिकायत दी। यहां से मीटर की फोटो मंगवाई गई। इसमें रीडिंग सही निकली। कंपनी ने कहा कि बिल सही है, इसे जमा करवाना होगा। पहले कुछ महीने रीडिंग नहीं ली होगी लेकिन नया बिल जो दिया है, वह रीडिंग के मुताबिक है। इससे पहले भी न्यू शिमला और कनलोग में इस तरह की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
विज्ञापन
रीडिंग के नाम पर ऐसे हो रही गड़बड़ी
पेयजल कंपनी शहरवासियों को हर महीने पानी के बिल जारी कर रही है। कंपनी का दावा है कि यह बिल मीटर रीडिंग पर जारी होते हैं। लेकिन कई उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग लिए बिना ही उन्हें बिल जारी किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ता को कई महीने तक एक समान बिल आने लगता है। वहीं, तीन चार महीने बाद जब रीडिंग ली जाती है तो इसमें पेयजल खपत ज्यादा मिलती है। अब इस बढ़ी हुई खपत को एक महीने की खपत मानते हुए कंपनी इस पर महंगी दरें लागू कर देती है। 20 किलोलीटर तक 15.95 जबकि इससे अधिक खपत पर 27.50 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से बिल वसूला जाता है। रीडिंग के बाद कई उपभोक्ताओं की मासिक पानी की खपत 40 किलोलीटर के पार जा रही है जो सवालों के घेरे में है।
कंपनी ठीक करके देगी बिल : एजीएम
पेयजल कंपनी के एजीएम अनिल जसवाल ने कहा कि इस तरह की शिकायतें आ रही हैं, लेकिन यह बहुत कम हैं। इस बारे में सख्त निर्देश भी जारी किए हैं। इसमें जिन उपभोक्ताओं को कई महीने से एक समान बिल आ रहे हैं, वह चेक करवा सकते हैं, कंपनी इसे ठीक करके देगी।