बोर्ड-निगम की नियुक्तियों से बदलेगी संगठन की तस्वीर
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हिमाचल सरकार जल्द बोर्डों-निगमों में नियुक्तियां करने जा रही हैं, लेकिन इनकी वजह से राज्य की सत्तारूढ़ भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव हो सकता है। कारण, संगठन से जिन भी पदाधिकारियों को सरकार में सहभागिता मिलेगी, उनकी जगह नए चेहरों को संगठन की कमान सौंपी जाएगी। रविवार रात को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पार्टी अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने पार्टी के सभी लोकसभा क्षेत्रों के पालकों के साथ बैठक की।
बैठक यूं तो लोकसभा चुनावों की तैयारियों और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के चार अगस्त के संभावित शिमला दौरे को लेकर हुई थी। बताया जा रहा है कि बैठक में पार्टी अध्यक्ष समेत कई अहम पदों पर नए चेहरों को लेकर भी चर्चा हुई।
भाजपा में अभी तक ऐसी परंपरा रही है कि जिस व्यक्ति को सरकार में कोई पद मिल जाता है, उसे संगठन के प्रभार से मुक्त कर दिया जाता है। सूत्रों के अनुसार चूंकि संगठन से सतपाल सत्ती समेत करीब आधा दर्जन पदाधिकारियों के सरकार का हिस्सा बनने की चर्चाएं हैं।
सितंबर में सत्ती का अध्यक्ष पद का कार्यकाल भी पूरा हो रहा है। ऐसे में संगठन में अपनी पकड़ मजबूत करने को मुख्यमंत्री जयराम भी जोर आजमाइश में जुट गए हैं। सूत्रों का कहना है कि अभी तक संगठन पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के नजदीकियों का दबदबा था।
इसकी वजह से कई मौकों पर मुख्यमंत्री भी असहज स्थिति में थे, लेकिन केंद्र में मोदी के प्रधानमंत्री बनते ही संगठन पर करीबी अमित शाह को बैठाकर सरकार संगठन में बेहतर तालमेल का फार्मूला हिमाचल में भी चल सकता है।
यही वजह है कि मुख्यमंत्री अब संगठन में बदलाव के दौरान नए व युवा चेहरों और उनमें भी अपने गुट के नेताओं को कमान सौंपने की जुगत में लग गए हैं। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री संगठन में होने वाले संभावित बदलाव में अपनी पकड़ कितनी मजबूत कर पाते हैं।