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नीलामी के बाद तय होगा एपीजी गोयल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का भविष्य

Tue, 06 Jul 2021 12:19 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 06 Jul 2021 12:19 PM IST
सार

विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. रमेश चौहान ने इस पूरी कवायद के बीच उम्मीद जताई है कि विश्वविद्यालय का भविष्य सुरक्षित रहेगा।

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APG Goyal University students' future will be decided after auction
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के शिमला में मेहली-शोघी बाइपास पर स्थित एपी गोयल शिमला विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले करीब 16 विद्यार्थियों का भविष्य अब परिसर की नीलामी के बाद तय होगा। नया प्रबंधन विश्वविद्यालय का संचालन करना चाहता है या नहीं, इस बात से ही बच्चों का भविष्य तय होगा। फिलहाल लोन देने वाले केनरा बैंक ने विश्वविद्यालय की नीलामी 31 जुलाई को निर्धारित की है। विश्वविद्यालय का संचालन करने वाले एपी गोयल चैरिटेबल ट्रस्ट के दिल्ली निवासी ट्रस्टियों राजेश गोयल, गर्वित गोयल, प्रमोद कुमार गोयल, कुसुम लता गोयल, मीनू गोयल, प्रियंका गोयल और शोभिता गोयल ने केनरा बैंक से करोड़ों रुपये का लोन लिया था लेकिन उसे समय से नहीं चुकाया।

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बैंक ने मार्च में पहले 60 दिन के भीतर बैंक का बकाया 39,21,50,736 रुपये और उस पर लगने वाला ब्याज भरने को कहा था। ट्रस्ट इस रकम को अदा नहीं कर सका, जिसके बाद बैंक ने गिरवी रखी विश्वविद्यालय परिसर की कई हेक्टेयर भूमि और संपत्तियां जब्त कर लीं। अब 31 जुलाई को उनकी संपत्तियों को नीलाम करने के लिए आरक्षित राशि 128 करोड़ रुपये रखी है। विश्वविद्यालय का दावा है कि करीब 72 करोड़ रुपये प्रबंधन बैंक को दे चुका है। साथ ही बैंक ने जिस संपत्ति की कीमत 128 करोड़ लगाई है उसकी असल वैल्यू 160 करोड़ से ज्यादा है। ऐसे में उम्मीद है कि प्रबंधन पैसा जमा कर विश्वविद्यालय का संचालन जारी रखेगा। 
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सुरक्षित रहेगा विश्वविद्यालय का भविष्य: वीसी
विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. रमेश चौहान ने इस पूरी कवायद के बीच उम्मीद जताई है कि विश्वविद्यालय का भविष्य सुरक्षित रहेगा। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय को जिस एक्ट में स्थापित किया गया है उसके अनुसार स्थापना से तीस साल तक विश्वविद्यालय की जमीन का लैंड यूज नहीं बदला जा सकता। इसके अलावा विश्वविद्यालय में अभी काफी स्कोप है और वह शैक्षणिक रूप से बेहद मजबूत है। वर्तमान में विश्वविद्यालय में 29 देशों के करीब पांच सौ से ज्यादा बच्चे बढ़ रहे हैं। साथ ही हिमाचल से लेकर विभिन्न राज्यों तक के बच्चे भी यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे में अगर प्रबंधन बदलता भी है तो भी विश्वविद्यालय का संचालन जारी रहेगा। 

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