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Aparajita 100 Million Smiles: संतोषगढ़ में छात्राओं को यौन शोषण, घरेलू हिंसा और महिला सशक्तीकरण पर बांटा ज्ञान
Sat, 30 Nov 2024 03:57 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 30 Nov 2024 03:57 PM IST
सार
विद्यार्थियों को यौन शोषण, महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, महिला सशक्तीकरण के बारे में जागरुक किया। उन्होंने कहा कि यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठानी होगी।
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संतोषगढ़ में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम का आयोजन राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक उत्कृष्ट पाठशाला संतोषगढ़ में किया गया। इसमें जिला रोजगार कार्यालय ऊना से काउंसलर कृति भारद्वाज ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों को यौन शोषण, महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, महिला सशक्तीकरण के बारे में जागरुक किया। उन्होंने कहा कि यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठानी होगी। 1098 नंबर डायल करके किसी भी प्रकार की मदद ले सकते हैं।
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समाज में लड़कियों के साथ जो आए दिन घटना घटित हो रही हैं, उससे हर वर्ग शर्मसार होकर रह गया है। इसके पीछे मुख्य कारण है कि इन घटनाओं की शिकार महिलाएं आवाज नहीं उठाती हैं और इसके लिए वह खुद जिम्मेदार हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि उनके साथ किसी भी तरह की घटना घटित हो रही है तो उसे सहन न करें और डरें नहीं। अपनी इच्छा शक्ति को बढ़ाएं और जो भी समस्याएं पेश आ रही हैं, उनका सामना करने के लिए खुद को जागरूक करें और मानसिक तौर पर मजबूत करें। सही वक्त पर आवाज उठाएंगे तो अपने आप ही महिलाओं के साथ रोजाना घटित घटनाएं भी कम होंगी।
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उन्होंने कहा कि जिंदगी अपने दम पर जीने के लिए सबसे पहले मानसिक तौर पर मजबूत होना बहुत जरूरी है। इसके लिए सबसे पहले महिलाओं को अपनी आदत बदलनी होगी और समाज के प्रति अपना नजरिया भी बदलना होगा। महिलाओं को अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए आवाज बुलंद करनी होगी और यह तभी सार्थक होगा। जब महिलाएं एकजुट होकर आगे आएंगी। आज का दौर सोशल मीडिया का दौर है तो इसका चलन भी महिलाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है ।
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कहा है कि सोशल मीडिया से अच्छी बातें ग्रहण करें। वहीं जिससे समाज में भ्रांतियां फैल रही हैं, महिलाओं के ऊपर उंगलियां उठाई जा रही हैं, इस तरह के कृत्य से परहेज करना चाहिए। खुद की शक्ति को पहचान कर समाज में एक सख्त महिला की भूमिका अदा करने के लिए भी उन्होंने प्रेरित किया। उन्होंने महिला सशक्तीकरण के बारे में जागरुक करते हुए कहा कि एक महिला मानसिक,शारीरिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से तभी सशक्त होगी यदि वह अपने हक के लिए आवाज उठाएगी। कहा है कि इसके लिए सबसे पहले जरूरी है कि महिला को अपने अधिकारों के प्रति शिक्षित होना बहुत जरूरी है।