Himachal News: यूनिवर्सिटी, कॉलेजों में एंटी रैगिंग कमेटी, सेल और उड़न दस्ते का करना होगा गठन
प्रदेश के विश्वविद्यालयों और इससे संबद्ध निजी-सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों को रैगिंग मुक्त बनाने, विद्यार्थियों को भय मुक्त माहौल प्रदान करने के लिए यूजीसी ने ताजा दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के विश्वविद्यालयों और इससे संबद्ध निजी-सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों को रैगिंग मुक्त बनाने, विद्यार्थियों को भय मुक्त माहौल प्रदान करने के लिए यूजीसी ने ताजा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार सभी परिसरों में एंटी रैगिंग कमेटी समेत रैगिंग की घटना पर नजर रखने को उड़नदस्ते का गठन करना होगा। वहीं, संस्थानों में प्रवेश लेने वाले हर छात्र के लिए एंटी रैगिंग शपथपत्र भरना अनिवार्य किया है। संस्थानों को वेबसाइट और प्रोस्पेक्टस पर एंटी रैगिंग कमेटी के नोडल अधिकारी का फोन नंबर सार्वजनिक करना होगा। संस्थानों को परिसर के मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने के निर्देश दिए हैं।
उच्च शिक्षण संस्थानों को रैगिंग को लेकर बने नियमों, रैगिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और इसके कानून संबंधित जागरूकता लाने के लिए सेमीनार, वर्कशॉप आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। रैगिंग की घटनाओं पर नजर रखने को छात्रावासों, कैंटीन, पीजी, रेस्ट रूम, बस स्टैंड पर औचक निरीक्षण करवाना होगा। यूजीसी ने रैगिंग से संबंधित किसी भी तरह की शिकायत को दर्ज करवाने के लिए राष्ट्रीय एंटी रैगिंग हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5522 और हेल्पलाइन ई मेल helpline@antiragging.in भी जारी किया है। इस पर छात्र सीधे शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने रैगिंग रोकने को लेकर जारी दिशा निर्देश सभी कॉलेज, संस्थानों के जारी किए हैं और सख्ती से पालना सुनिश्चित करने को कहा गया है।
शपथ पत्र देने की प्रक्रिया में किया बदलाव
यूजीसी के दिशा निर्देशों में उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों को अनिवार्य किए गए शपथ पत्र को भरने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब छात्र को उसे साइन करने की जरूरत नहीं रहेगी। छात्र को उसके पंजीकृत होने पर पंजीकरण नंबर पर एक ईमेल मिलेगी। इसमें मांगी जानकारी को संस्थान के एंटी रैगिंग सेल के नोडल अधिकारी के ईमेल पते पर भेजना होगा। छात्र को एडमिशन फार्म पर दिए गए कॉलम में एंटी रैगिंग अंडरटेकिंग रेफरेंस नंबर भरना होगा।