Shimla News: अनिरुद्ध सिंह बोले- वन अधिकार अधिनियम के फेर में नहीं अटकेंगी पंचायतों की सड़कें
ग्राम पंचायतों में सतत विकास को लेकर हिप्पा में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के समापन अवसर पर पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने यह बात कही।
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पंचायतों की सड़कें अब वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के फेर में नहीं फसेंगीं। ग्राम पंचायतों में सतत विकास को लेकर हिप्पा में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के समापन अवसर पर पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने यह बात कही। उन्होंने वन अधिकार अधिनियम की अधिसूचना में स्पृष्टता के लिए संयुक्त सचिव पंचायतीराज नीरज चांदला की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का एलान किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में पंचायतों के अधीन बहुत से निर्माण कार्य एफआरए क्लीयरेंस न होने से रुके पड़े हैं। एफआरए अधिसूचना में स्पष्टता न होने से सड़कों के निर्माण में देरी हो रही है। संयुक्त सचिव पंचायतीराज की अध्यक्षता में गठित होने वाली कमेटी में राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा।
अनिरुद्ध ने कहा कि प्रदेश की सभी पंचायतों के सुदृढ़ीकरण और विकास में आ रही दिक्कतों को मद्देनजर ग्रामीण विकास विभाग नई कार्ययोजना तैयार कर रहा है। प्रदेश के विभिन्न विकास खंडों में निर्माण कार्यों के लिए लंबे समय से स्वीकृत राशि विभिन्न कारणों से लंबित है और भविष्य में भी इसके व्यय की संभावना कम है। ऐसी राशि को डायवर्ट कर अन्य योजनाओं पर खर्च करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं की शतप्रतिशत राशि को खर्च करने में पूरे देश में अव्वल है। अनिरुद्ध सिंह ने प्रतिभागियों से ग्राम पंचायत स्तर पर विकास के कामों को निर्धारित समय में पूरा करने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वन अधिकारी, परियोजना अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, जिला पंचायत अधिकारी, जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष सहित ग्राम पंचायत प्रधान उपस्थित रहे।