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पशु बलि प्रथा पर देव संसद में होगा अंतिम फैसला
ब्यूरो/ अमर उजाला,कुल्लू
Updated Tue, 16 Sep 2014 12:44 AM IST
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हिमाचल प्रदेश में प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा पशु बलि पर लगाई गई रोक के खिलाफ देव संसद ही आगामी कार्रवाई को लेकर फैसला करेगी।
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रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार एवं कुल्लू के विधायक महेश्वर सिंह ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पशु बलि होगी या नहीं, इसका अंतिम फैसला जगती ‘देव संसद’ में तय होगा। 26 सितंबर को नग्गर में जगती का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कारदार संघ ने भी सोमवार को हाईकोर्ट में फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर कर दी है। इसमें क्रुयल्टी टू एनिमल एक्ट का हवाला दिया गया है।
महेश्वर सिंह के अनुसार इस एक्ट के चैप्टर पांच में साफ कहा गया है कि किसी समुदाय के पारंपरिक रिवाजों को पूरा करने में दी जाने वाली बलि एक्ट में नहीं आएगी।
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उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश में सिर्फ मंदिरों में ही बलि प्रथा पर रोक लगाई गई है। कोर्ट ने हर आदेश में मंदिर, मंदिर परिसर, मंदिर में होने वाले धार्मिक कार्यों का ही हवाला दिया है।
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उन्होंने कहा कि फैसला सुनाने से पहले देव समाज से जुड़े लोगों को अपनी बात रखने तक का मौका नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि स्लाटर हाउस और अन्य स्थानों पर तो पशु काटने पर कोई रोक नहीं लगाई गई।
उन्होंने कहा कि 26 सितंबर को होने वाली जगती देव संसद के लिए प्रथम अनुमति देवी त्रिपुरा सुंदरी से ले ली गई है। देव संसद के लिए मंडी जिले के देवी-देवताओं को भी बुलाया जा रहा है।