Amit Shah Himachal Visit: हाटियों को एसटी का दर्जा मिलने के बाद भी एससी वर्ग के पूरे हक सुरक्षित
केंद्र सरकार ने हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा दिया तो कांग्रेस नेता कहने लगे अनुसूचित जाति वालों का आरक्षण चला जाएगा। शाह ने कहा कि मैं लिखकर देता हूं कि अनुसूचित जाति (एससी) वालों के पूरे हक सुरक्षित हैं। उनका दर्जा सौ प्रतिशत सुरक्षित है।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिरमौर के सतौन में शनिवार को हाटी आभार रैली में कांग्रेस पर खूब निशाना साधा। शाह ने कहा कि कांग्रेस को आग लगाए बिना चैन नहीं आता। केंद्र सरकार ने हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा दिया तो कांग्रेस नेता कहने लगे अनुसूचित जाति वालों का आरक्षण चला जाएगा। शाह ने कहा कि मैं लिखकर देता हूं कि अनुसूचित जाति (एससी) वालों के पूरे हक सुरक्षित हैं। उनका दर्जा सौ प्रतिशत सुरक्षित है।
उन्होंने कहा कि पूरे देश में अब राजा-रानियों और महाराजाओं का समय समाप्त हो चुका है। लोकतंत्र में कोई राजा नहीं, सिर्फ जनता राज करती है। शाह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी है। केंद्र की मोदी सरकार ने हाटी समुदाय की 55 साल पुरानी मांग को एक झटके में पूरा किया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इस मुद्दे को लेकर उनसे कई बार मिले और इस मांग को पूरा करके दिखाया।
केंद्रीय कैबिनेट ने हाटी समुदाय की 14 जातियों को जनजातीय दर्जा प्रदान करने की अनुमति प्रदान की है। शाह ने कहा कि कभी कोई यह नहीं सोच नहीं सकता था कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 कभी खत्म होगा, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने यह भी करके दिखाया। कांग्रेस को यह रास नहीं आया, क्योंकि अनुच्छेद 370 और 35ए जवाहर लाल नेहरू ने लगाया था। कांग्रेस ने हमेशा देश को लूटने का काम किया।
पूर्व कांग्रेस सरकारों के राज में जब बाहरी ताकतें देश पर हमला करती थीं, तो कोई कार्रवाई नहीं होती थी। अब प्रधानमंत्री मोदी सर्जिकल और एयर स्ट्राइक कर दुश्मनों को जवाब देते हैं। शाह ने कहा कि कांग्रेस के समय देश की अर्थव्यवस्था 11वें नंबर पर थी, जो मोदी सरकार में पांचवें स्थान पर पहुंच गई है। डबल इंजन की सरकार विकास के बूते इस बार हिमाचल में रिवाज बदलेगी। शाह ने कहा कि इस बार सारा का सारा सिरमौर चाहिए। यहां से दो-तीन सीटें नहीं, बल्कि पांचों सीटें भाजपा की झोली में डालकर हिमाचल में मिशन रिपीट करना है।
अब मामा और भांजे दोनों जनजातीय
अमित शाह ने कहा कि पहले पहाड़ी के उस पार (उत्तराखंड) एक लड़की की शादी होती थी तो उसके बच्चे जनजातीय हो जाते थे, जबकि उनका मामा जनजातीय नहीं कहलाता था। अब मामा और भांजे दोनों जनजातीय हो गए हैं।
हाटियों के संघर्ष पर विराम : जयराम
हाटी आभार रैली में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि 1967 से चले आ रहे हाटी समुदाय के संघर्ष पर केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने विराम लगाया है। शाह की बात पत्थर की लकीर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का विकास डबल इंजन की सरकार से ही संभव है। आज तक की सरकारों में सिरमौर को इस सरकार में सबसे ज्यादा मिला है। पूरे देश में रिवाज बदला है, इसलिए प्रदेश का रिवाज भी बदलेगा और सिरमौर का रिवाज भी बदलना है।
हाटियों के दिलों को छूकर बजाया चुनावी बिगुल
आभार रैली के बहाने ट्रांसगिरि इलाके में पहली बार पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाटियों के दिलों को छूकर खूब रिझाने का प्रयास किया। हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने के बाद इस बड़ी उपलब्धि को कैश करने और भावनात्मक कार्ड खेलने की कोशिश की गई। अमित शाह ही नहीं मंच पर विराजमान मुख्यमंत्री से लेकर हर मंत्री व नेता ने भी हाटी समुदाय को लुभाने के प्रयास किए। केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने संबोधन में जिला सिरमौर के आस्था के केंद्र शिरगुल देवता, मां भंगायनी, रेणुकाजी व पांवटा साहिब गुरुद्वारा का भी जिक्र किया। उन्होंने नाहन नगर परिषद का जिक्र करते हुए कहा कि यह नगर परिषद कोलकाता के बाद बनी देश की दूसरी नगर परिषद है। हर तरह से उन्होंने सभी देवी-देवताओं के नाम पर हर विधानसभा क्षेत्र को अपने संबोधन में जोड़ा।
इसके साथ-साथ अमित शाह ने केंद्र व प्रदेश के विकास को भी लोगों के बीच जमकर भुनाया। उधर, हाटियों का मामा कैसा हो जयराम ठाकुर जैसा हो, नारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आभार रैली में भी चर्चा में आया। हालांकि, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पहले भी कह चुके हैं कि वह सिरमौर वालों के मामा हैं लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष भी यह नारा सतौन की रैली के पंडाल में खूब गूंजा। मुख्यमंत्री ने भी व्यंग्यात्मक तरीके से अपने भांजे-भांजियों को नमन किया। कहा कि मामा होने के नाते मेरा फर्ज बनता था कि मैं भांजों की बात को मानूं। कुल मिलाकर भाजपा ने हाटी के स्टेट्स पर तो सियासी फायदे का कार्ड तो खेला ही। मामा-भांजा का भावनात्मक कार्ड भी खेला।