यहां एक घंटे में बिका एक क्विंटल नमक, 50 रुपये तक चुकाए दाम
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देश के कुछ शहरों में उड़ी नमक की कमी की अफवाह का असर देवभूमि में भी देखने को मिला। शिमला जिले के नेरवा में बाजार में नमक खरीदने के लिए लोगों का जमावड़ा लग गया। अफवाह के चलते ग्रॉसरी की दुकानों में नमक की जमकर बिक्री हुई। हालांकि नेरवा में प्रिंट मूल्य पर ही नमक बिका।
शनिवार को सुबह एक घंटे में दुकानों से एक-एक क्विंटल नमक हाथों हाथ बिक गया। नमक की कमी की अफवाह फैलने के बाद लोगों में नमक खरीदने की होड़ सी लग गई थी। दोपहर तक जैसे-जैसे लोगों को पता चला कि यह एक अफवाह है तो नमक की बिक्री में
गिरावट आई। नेरवा के दुकानदार रामकुमार गुप्ता ने बताया कि शनिवार को दुकान खोलते ही लोग नमक खरीदने के लिए दुकान पर पहुंचे। एक घंटे के अंदर पांच कटे नमक के बिक गए। एक-एक व्यक्ति दस किलो तक नमक ले गया। बाद में धीरे-धीरे नमक की बिक्री में कमी आई।
रातों-रात 50 रुपये तक बिकी नमक का पैकेट
पांच सौ व हजार रुपये के नोट बंद होने के बीच नमक बंद होने की अफवाह ने ऊना में भी लोग दौड़ा दिए। शुक्रवार को नमक की बिक्री बंद होने की अफवाह फैलने से जिले के लोगों में हड़कंप मच गया। इस दौरान कई लोगों ने रातों-रात 15 से 20 रुपये तक बिकने वाली नमक की थैली 40 से 50 रुपये में खरीद डाली।
इतना ही नहीं कई लोगों ने 100 से 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से भी दुकानों से नमक खरीदा। सूत्रों के अनुसार ऊना के एक कारोबारी ने शुक्रवार देर रात नमक से भरी हुई ट्राली पुराने होशियारपुर रोड पर स्वां नदी के किनारे लगाई और यहां बसे हुए प्रवासी लोगों को नमक की थैलियां 25 से 50 रुपये प्रति किलो के हिसाब तक बेचीं। नमक की बिक्री बंद होने की अफवाह ने लोग दुकानों की ओर दौड़ा दिए।
हालांकि नमक की बिक्री बंद होने की अफवाह कहां से उठी इसकी जानकरी नही हैं। सरकार की ओर से भी लोगों को नमक की बिक्री बंद होने की अफवाह पर ध्यान न देने के लिए मैसेज भेजे जा रहे हैं। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक लक्ष्मण कनेत ने कहा कि इस तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। जिला में हर तरह के खाद्यान का स्टॉक उपलब्ध है।