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वैक्सीन को लेकर बच्चों में उत्साह, रोजाना 500 से ज्यादा का किया जा रहा टीकाकरण
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ऋषिकेश में बच्चे को कोविड वैक्सीन लगाती स्वास्थ्य कर्मी
- फोटो : BILASPUR
बिलासपुर। जिला बिलासपुर में 12 से 14 साल के बच्चों को कोरोना रोधी टीके की पहली डोज लगाने का कार्य जोरों पर है। टीकाकरण को लेकर अब बच्चे भी काफी उत्साहित दिख रहे हैं। टीकाकरण के पहले दिन बच्चों में ज्यादा उत्साह नहीं दिखा। पहले दिन 39 बच्चों का ही टीकाकरण हुआ। लेकिन अब धीरे-धीरे टीकाकरण की रफ्तार बढ़ने लगी है। अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने 12 से 14 साल के बच्चों को कोरोना की पहली डोज लगाने का 32 प्रतिशत लक्ष्य भी पूरा कर लिया है।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग बिलासपुर द्वारा 12 से 14 साल के बच्चों का टीकाकरण 16 मार्च से शुरू किया गया। जिला में टीकाकरण के पहले दिन बच्चों में उत्साह कम दिखा। 16 मार्च को सिर्फ 39 बच्चों का ही टीकाकरण किया गया। लेकिन उसके बाद 17 मार्च को बच्चों में टीकाकरण को लेकर काफी उत्साह दिखा। अगले दिन ही 300 से ज्यादा बच्चों ने टीकाकरण में भाग लिया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों को प्यार से टीकाकरण करवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिसके कारण अब रोजाना 500 से ज्यादा बच्चों को कोरोना की पहली डोज लगाई जा रही है।
वहीं जिन स्कूलों में टीकाकरण केंद्र बनाया जा रहा है। उनमें शिक्षक भी बढ़-चढ़ कर अपनी भूमिका निभा रहे हैं। जिला में अभी तक पांच हजार बच्चों को कोरोना की पहली डोज लगाई जा चुकी है। लेकिन कई लोगों को टीकाकरण केंद्रों की जानकारी समय पर नहीं मिल पा रही है। जिसके कारण टीकाकरण की रफ्तार ज्यादा नहीं बढ़ पाई है। वहीं इस दौरान कुछ बच्चों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे टीकाकरण को लेकर काफी उत्साहित हैं। पहले सुई से डर लगता था, लेकिन परिवार के सदस्यों ने बताया कि यह सुई बहुत छोटी होती है। टीका कब लग गया इसका पता भी नहीं चल पाएगा।
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बढ़ाए जा रहे टीकारण केंद्र : परमिंद्र
एमओएच परमिंद्र ने बताया कि 12 से 14 साल के बच्चों को कोरोना की पहली डोज लगाने का 32 प्रतिशत पूरा कर लिया है। जिला में 16 हजार बच्चों को टीकाकरण का लक्ष्य रखा है। वहीं लक्ष्य जल्द से जल्द प्राप्त हो इसके लिए टीकाकरण केंद्रों को बढ़ाया जा रहा है। कहा कि कोविड वैक्सीनेशन के बाद कोरोना से लड़ने की ताकत बढ़ती है और यही कारण है कि तीसरी लहर का प्रभाव जिले में ज्यादा नहीं रहा।
इनसेट
टीके से मिलेगा सुरक्षा कवच
नियति ने बताया कि अभी तक उन्हें कोरोना टीके की पहली डोज नहीं लगी है। लेकिन वह टीकाकरण को लेकर काफी उत्साहित है। बताया कि घर में सभी का कोरोना टीकाकरण हो चुका है। वहीं अब मुझे भी कोविड वैक्सीन लग जाएगी तो फिर मुझे भी कोरोना से लड़ने के लिए सुरक्षा कवच मिल जाएगा।
इनसेट
अब नहीं सूई से कोई डर
मनोज कपिल ने बताया कि सूई से पहले डर लगता था, लेकिन कोरोना का टीका लगवाने के लिए उन्हें कोई डर नहीं है। बताया कि पापा को कोरोना की दोनों डोज लग गई है। इसी कारण वह टीका लगवाने के लिए उत्साहित है।
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बता दें कि स्वास्थ्य विभाग बिलासपुर द्वारा 12 से 14 साल के बच्चों का टीकाकरण 16 मार्च से शुरू किया गया। जिला में टीकाकरण के पहले दिन बच्चों में उत्साह कम दिखा। 16 मार्च को सिर्फ 39 बच्चों का ही टीकाकरण किया गया। लेकिन उसके बाद 17 मार्च को बच्चों में टीकाकरण को लेकर काफी उत्साह दिखा। अगले दिन ही 300 से ज्यादा बच्चों ने टीकाकरण में भाग लिया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों को प्यार से टीकाकरण करवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिसके कारण अब रोजाना 500 से ज्यादा बच्चों को कोरोना की पहली डोज लगाई जा रही है।
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वहीं जिन स्कूलों में टीकाकरण केंद्र बनाया जा रहा है। उनमें शिक्षक भी बढ़-चढ़ कर अपनी भूमिका निभा रहे हैं। जिला में अभी तक पांच हजार बच्चों को कोरोना की पहली डोज लगाई जा चुकी है। लेकिन कई लोगों को टीकाकरण केंद्रों की जानकारी समय पर नहीं मिल पा रही है। जिसके कारण टीकाकरण की रफ्तार ज्यादा नहीं बढ़ पाई है। वहीं इस दौरान कुछ बच्चों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे टीकाकरण को लेकर काफी उत्साहित हैं। पहले सुई से डर लगता था, लेकिन परिवार के सदस्यों ने बताया कि यह सुई बहुत छोटी होती है। टीका कब लग गया इसका पता भी नहीं चल पाएगा।
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बढ़ाए जा रहे टीकारण केंद्र : परमिंद्र
एमओएच परमिंद्र ने बताया कि 12 से 14 साल के बच्चों को कोरोना की पहली डोज लगाने का 32 प्रतिशत पूरा कर लिया है। जिला में 16 हजार बच्चों को टीकाकरण का लक्ष्य रखा है। वहीं लक्ष्य जल्द से जल्द प्राप्त हो इसके लिए टीकाकरण केंद्रों को बढ़ाया जा रहा है। कहा कि कोविड वैक्सीनेशन के बाद कोरोना से लड़ने की ताकत बढ़ती है और यही कारण है कि तीसरी लहर का प्रभाव जिले में ज्यादा नहीं रहा।
इनसेट
टीके से मिलेगा सुरक्षा कवच
नियति ने बताया कि अभी तक उन्हें कोरोना टीके की पहली डोज नहीं लगी है। लेकिन वह टीकाकरण को लेकर काफी उत्साहित है। बताया कि घर में सभी का कोरोना टीकाकरण हो चुका है। वहीं अब मुझे भी कोविड वैक्सीन लग जाएगी तो फिर मुझे भी कोरोना से लड़ने के लिए सुरक्षा कवच मिल जाएगा।
इनसेट
अब नहीं सूई से कोई डर
मनोज कपिल ने बताया कि सूई से पहले डर लगता था, लेकिन कोरोना का टीका लगवाने के लिए उन्हें कोई डर नहीं है। बताया कि पापा को कोरोना की दोनों डोज लग गई है। इसी कारण वह टीका लगवाने के लिए उत्साहित है।