Medhavi Samman: एकसाथ सम्मान पाकर खिल उठे 10वीं-12वीं की मेरिट सूची में नंबर वन पर रहे सात मेधावी
अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह में शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सबसे पहले इन्हीं होनहारों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। सभी बेहद खुश दिखे।
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10वीं और 12वीं की मेरिट में नंबर वन पर रहने वाले सात मेधावियों को पहली बार एकसाथ एक ही मंच पर सम्मान हासिल करने का मौका मिला। अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह में शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सबसे पहले इन्हीं होनहारों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। सभी बेहद खुश दिखे। सम्मान लेने के बाद बोले, मेरिट सूची में उनके साथ नंबर वन पर रहने वाले छात्रों के फोटो तो अमर उजाला में देखे थे, लेकिन आज पहली बार उनसे समारोह में मिलने का मौका भी मिल गया। सभी अलग-अलग जिलों से संबंध रखते हैं। कुल छह टॉपरों में से तीन टॉपर के माता-पिता शिक्षक हैं। टॉपर बोले, उन्हें घर से ही मेहनत करने की प्रेरणा मिली है।
12वीं में टॉप करने वाली बिलासपुर के बरठीं की अक्षिता के पिता देसराज शर्मा शिक्षक हैं। मां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। अक्षिता पिता के साथ सम्मान लेने पहुंची थीं। कहा कि पिता पढ़ाई के लिए जोर डालते हैं। अच्छे अंक लाने के लिए मेहनत की। 12वीं विज्ञान संकाय में टॉप करने वाले क्षितिज शर्मा के पिता गगन शर्मा और मां जगिता शर्मा दोनों टीजीटी आर्ट्स हैं। क्षितिज ने कहा कि घर में हमेशा पढ़ाई का माहौल रहता है। पिता गगन शर्मा ने कहा कि क्षितिज ने दसवीं में भी प्रदेश में दूसरा रैंक हासिल किया था। इस बार और मेहनत के लिए कहा तो टॉपर बन गया।
दीदी नंबर दो, मैं बन गई टॉपर
दसवीं में टॉप करने वाली मंडी की देवांगी अपनी बहन रिधि शर्मा के साथ पहुंची थीं। देवांगी ने बताया कि उनकी बहन ने साल 2018 में दसवीं की मेरिट सूची में दूसरा नंबर हासिल किया था। उन्होंने अब दीदी को पीछे कर पहला रैंक हासिल किया। देवांगी के पिता नहीं हैं, लेकिन मां नीलम शर्मा ने दोनों बेटियों को होनहार बनाया है।
सीएम से मेडल लेकर मिलेगी आगे बढ़ने की प्रेरणा
12वीं वाणिज्य की मेरिट सूची में टॉप रैंक हासिल करने वाली तनीषा सीए बनना चाहती हैं। बीकॉम में दाखिला लेने वाली तनीषा ने बताया कि समारोह में पिता त्रिभुवन भारद्वाज के साथ आई हैं। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाकर खुश हैं। इससे आगे भी कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा मिलेगी।
इंजीनियर बनना चाहती हैं शगुन
12वीं विज्ञान संकाय में नंबर वन रैंक हासिल करने वाली कांगड़ा की शगुन राणा आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं। शगुन के पिता उत्तमचंद राणा दुकानदार हैं। मां चंद्रेश कुमारी गृहिणी हैं। शगुन चंडीगढ़ से आईआईटी में दाखिले के लिए कोचिंग ले रही हैं।
पढ़ाई के अलावा मुझे कोई काम नहीं : वाणी
शिमला। घुमारवीं की जमा दो आर्ट्स की टॉपर वाणी गौतम राज्य में प्रथम आई हैं। छात्रा ने बताया कि उनके पास पढ़ाई के अलावा और कोई काम नहीं है। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया है। कहा कि मां निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। पिता पंचायत इंस्पेक्टर हैं। हालांकि, समारोह में माता-पिता नहीं आए थे। वह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ यहां आई थीं।
सीएम को पहली बार इतनी नजदीक से देखा : प्रियंका
मंडी के तत्तापानी की प्रियंका ने भी दसवीं में टॉप किया है। अपनी चाची योगिता के साथ सम्मान लेने पहुंची प्रियंका ने बताया कि उसे डॉक्टर बनना है। इसके लिए दिन रात मेहनत भी कर रही है। प्रियंका के पिता प्रभदयाल डाक विभाग में तैनात हैं जबकि मां नीलम कुमारी गृहिणी है। कहा कि सीएम को पहली बार इतने नजदीक देखा। उनसे सम्मान पाकर खुश हैं।