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Medhavi chhatra Samman: चुनौतियों का पहाड़ लांघ बच्चे बने काबिल, माता-पिता का भी संघर्ष

Wed, 07 Aug 2024 10:18 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 07 Aug 2024 10:18 AM IST
सार

भौगोलिक परिस्थितियों में चुनौतियों का पहाड़ लांघकर प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा के टॉपर्स बन काबिल बने मेधावी अब देश को नहीं राह देंगे।

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Amar Ujala Medhavi chhatra Samman: Children became capable by crossing the mountain of challenges, parents als
शगुन, तनु, शालिनी को मिला अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देवभूमि हिमाचल की विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों में चुनौतियों का पहाड़ लांघकर प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा के टॉपर्स बन काबिल बने मेधावी अब देश को नहीं राह देंगे। मुश्किल हालात से न घबराते हुए बच्चों ने तो सफलता के पंख लगाकर ऊंची उड़ान भरी ही, उनके अभिभावकों ने भी अपने बच्चों की प्रतिभा निखारने में कोई कसर नहीं छोड़ी। घर में चाहे आर्थिक हालात अच्छे नहीं थे, फिर भी बच्चों को पढ़ाने में इन अभिभावकों ने भी अपना100 फीसदी दिया। इसलिए मंगलवार को जब उनके दिल के टुकड़े मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित हो रहे थे तो अभिभावकों की आंखें खुशी से छलक रहीं थीं। अपने शिष्यों को सम्मान मिलने की खबर से गुरुओं का भी सीना चौड़ा हुआ होगा, जिन्होंने उन्हें सफलता की उड़ान भरने के लिए पंख लगाए। 

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जिस स्कूल की बस चलाते हैं पिता  उसी में पढ़कर टॉपर बनी शगुन
सम्मान पाने चंबा की रहने वाली शगुन चंदेल अपने पिता वीरेंद्र सिंह और मां रानीदेवी के साथ समारोह में पहुंची थी। कांगड़ा के न्यू ईरा स्कूल ऑफ साइंस में पढ़ने वाली शगुन ने दसवीं कक्षा की मेरिट में नौवां स्थान हासिल किया है। खास बात यह है कि शगुन के पिता इसी स्कूल की बस चलाते हैं। पिता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि नौ साल से स्कूल बस चला रहे हैं। उनकी दो बेटियां हैं और दोनों पढ़ाई में आगे हैं। इनकी पढ़ाई-लिखाई में कोई कमी न रहे, इसलिए छुट्टी के दिन टैक्सी भी चलाते हैं। उन्होंने कहा कि पैसों की कमी जरूर है, लेकिन बेटियां उनका नाम रोशन कर रही हैं। ऐसे में उन्हें भी और मेहनत की प्रेरणा मिल रही है।

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पिता मैकेनिक, मेहनत से बच्चों को बना रहे टॉपर
हमीरपुर के बलेटा की रहने वाली तनु अपनी मां के साथ समारोह में पहुंची थी। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सनाही की छात्रा तनु ने 12वीं कक्षा में कला संकाय की मेरिट में चौथा स्थान हासिल किया है। तनु के पिता सुनील कुमार पेशे से मैकेनिक हैं। मां मीरा देवी गृहिणी हैं। तनु की दो बहनें और एक भाई है। मां ने बताया कि तंगी के कारण घर के लिए जो बड़ी जरूरी सामान चाहिए होता है, उसे ही खरीदते हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई के लिए कोई कमी न रहे।

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छोटी सी दुकान, बेटी पूरे कर रही अरमान
12वीं कक्षा में कला संकाय की मेरिट में तीसरा स्थान हासिल करने वाली हमीरपुर के नादौन के टिलू गांव की शालिनी अपने पिता सतीश कुमार के साथ समारोह में पहुंची थी। सतीश की नादौन में छोटी सी दुकान है। सतीश ने बताया कि अब इलाके में बेटी के कारण ही उनकी पहचान बढ़ रही है, जिससे गर्व होता है। उनकी बेटी उनके अरमान पूरे कर रही है। दुकान से होने वाली कमाई घटती-बढ़ती रहती है, लेकिन बच्चों को पढ़ने में दिक्कत न आए, इसके लिए हम भी मेहनत करते हैं। मेरे भाई-भाभी शिक्षक हैं और मैं चाहता हूं कि बेटी भी ऐसी ही कामयाबी हासिल करे।

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